'बदलो बिहार, बनाओ नई सरकार' अभियान के तहत महात्मा गांधी के प्रपौत्र एवं सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी सोमवार को पूर्णिया पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लाइन बाजार स्थित महात्मा गांधी सेवा सदन, बाबा साहब अंबेडकर कल्याण छात्रावास, फणीश्वरनाथ रेणु छात्रावास, और जयप्रकाश सेवा संस्थान पहुंचकर महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। बाद में वे जयप्रकाश सेवा संस्थान से पैदल मार्च करते हुए कला भवन स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
सभा को संबोधित करते हुए तुषार गांधी ने कहा कि, "बिहार में गांधी और जयप्रकाश नारायण की विरासत का दावा करने वाली सरकार आज चुप है। तुरकौलिया की घटना पर मुख्यमंत्री की खामोशी इस बात का संकेत है कि वे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी की मूल भावना से भटक चुके हैं।" उन्होंने जनता से अपील की कि वे नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए खुद आगे आएं और बोलने की आजादी पर हो रहे हमलों का जवाब चुनाव के माध्यम से दें।
कांग्रेस विधायक शकील अहमद ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, "पिछले 20 वर्षों में बिहार में बेरोजगारी, पलायन, गरीबी और शिक्षा के क्षेत्र में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। अब समय आ गया है कि जनता सरकार को बदले।" उन्होंने 'बदलो बिहार, बनाओ नई सरकार' अभियान को पूर्ण समर्थन देने की बात कही।
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किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. सुनीलम ने कहा कि, "प्रधानमंत्री ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन सर्वे से साफ है कि किसानों की वास्तविक आय घटी है। एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज़ माफी, मंडी व्यवस्था की बहाली और जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक जैसे मुद्दे आज भी किसानों के लिए प्रमुख हैं।" उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार चुनाव में INDIA गठबंधन इन मुद्दों को अपने घोषणापत्र (मेनिफेस्टो) में शामिल करेगा।
कार्यक्रम को बमभोला सहनी, सुदीप राय, प्रेम किशोर सिंह, रमेश पासवान, अभिषेक आनंद, विजेंद्र यादव समेत कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया। सभा की अध्यक्षता कॉमरेड इस्लामुद्दीन ने की, जबकि आयोजन समिति के संयोजक प्रो. आलोक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।