क्लीनिक में तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति
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पूर्णिया के कबलाइन बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 28 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान डगरूआ थाना क्षेत्र के सिंधिया गांव निवासी खुशबू कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
मृतका की मां बुधिया देवी ने बताया कि सुबह खुशबू को सीने में तेज दर्द हुआ था, जिसके बाद उसे लाइन बाजार धर्मशाला के पास स्थित डॉ. मनीष कुमार के क्लीनिक ले जाया गया। उनका आरोप है कि क्लीनिक में डॉक्टर के बजाय कंपाउंडर ने इलाज किया और सलाइन चढ़ाई। सलाइन लगने के करीब एक घंटे के भीतर ही खुशबू की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
रेफर करने के नाम पर कथित गुमराह करने का आरोप
परिजनों का कहना है कि महिला की मौत क्लीनिक में ही हो गई थी, लेकिन स्टाफ ने यह बात छिपाई। आरोप है कि जल्दबाजी में ऑटो बुलाकर महिला की हालत गंभीर बताकर उसे पूर्णिया जीएमसीएच रेफर किया गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर और कंपाउंडर मौके से फरार, क्लीनिक में तोड़फोड़
जब परिजन वापस निजी क्लीनिक पहुंचे, तो पाया कि डॉक्टर और कंपाउंडर दोनों ही वहां से फरार थे। इससे परिजनों का आक्रोश और बढ़ गया। इलाज में लापरवाही और डॉक्टर-कंपाउंडर के फरार होने की जानकारी मिलने पर आक्रोशित परिजनों ने क्लीनिक में जमकर तोड़फोड़ की। मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
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पुलिस ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद परिजनों को शांत कराया। पुलिस से बातचीत के दौरान परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद शव को गांव ले जाया गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
खुशबू कुमारी अपने पीछे पति और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे इलाके में निजी क्लीनिकों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।