पूर्णिया जिले के जीएमसीएच के महिला वार्ड से दो मासूम बच्चों के चोरी होने के मामले में पूर्णिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की चौतरफा घेराबंदी और बढ़ती दबाव के कारण बच्चा चोर गिरोह के सदस्य दोनों मासूमों को सुरक्षित छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बरामद बच्चों को उनकी बीमार मां की गोद में सौंप दिया है। अब पुलिस इस ‘चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
सोमवार शाम की है घटना
फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी ने बताया कि यह सनसनीखेज वारदात सोमवार शाम करीब 6 बजे की है। अस्पताल के ऑल पीओपी वार्ड में भर्ती गुड़िया देवी (टीवी की गंभीर मरीज) के दो बच्चे, लक्ष्मी कुमारी (3 वर्ष) और शुभम कुमार (4 वर्ष), अचानक गायब हो गए थे। सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ कि दो महिलाएं फर्जी रिश्तेदार बनकर वार्ड में दाखिल हुईं और महज 10 मिनट के भीतर दोनों मासूमों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गईं।
चोरों ने बच्चों को दिया था 210 रुपये का लालच
जांच में सामने आया कि दोनों महिला चोरों ने पीली साड़ी पहन रखी थी और अपने आप को शॉल से ढका हुआ था। आरोपियों ने बच्चों को खाने के सामान और 210 रुपये का लालच दिया। पीड़िता की 8 वर्षीय बेटी शिवानी इस घटना की मुख्य चश्मदीद रही। उसने बताया कि महिलाओं ने उसे भी पैसे का लालच देकर साथ ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन उसने मना कर दिया। शिवानी के शोर मचाने से पहले ही आरोपी बच्चों को लेकर फरार हो गई थीं।
एसपी की सक्रियात से बच्चे हुए बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वीटी सहरावत ने तुरंत एसडीपीओ-1 ज्योति शंकर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने जिले के सभी निकास द्वारों पर नाकेबंदी की और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। पुलिस की इसी सक्रियता का नतीजा रहा कि पकड़े जाने के डर से गिरोह के सदस्य बच्चों को बीच रास्ते में ही छोड़कर भाग गए।
बच्चों से मिलकर मां हुई भावुक
बता दें कि गुड़िया देवी, जो पिछले 27 जनवरी से अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही हैं, अपने दोनों जिगर के टुकड़ों को वापस पाकर भावुक हो गईं। बच्चों की बरामदगी के बाद वार्ड में मौजूद अन्य मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों ने भी राहत की सांस ली।
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सिंडिकेट का पता लगाने में जुटी पुलिस
पुलिस अब उन दो महिला चोरों की पहचान और उनके पीछे सक्रिय बड़े सिंडिकेट का पता लगाने में जुटी है। वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों ने भी कद-काठी और कपड़ों के आधार पर आरोपियों की पहचान की पुष्टि की है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।