बिहार के पूर्णिया जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। मरंगा थाना क्षेत्र के रहूआ पंचायत स्थित जोतल खाय गांव के समीप नहर किनारे एक नाबालिग लड़की के साथ हथियार के बल पर दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक जांच भी शुरू कर दी है, जबकि पीड़िता का इलाज जीएमसीएच पूर्णिया में चल रहा है।
घास काटकर लौट रही नाबालिग को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, जोतल खाय गांव की रहने वाली एक नाबालिग लड़की रोज की तरह नहर किनारे घास काटने गई थी। घास काटकर घर लौटने के दौरान पहले से घात लगाए बैठे तीन युवकों ने उसे जबरन रोक लिया। आरोपियों ने तीर और धनुष दिखाकर नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी और उसे डरा-धमकाकर उसके साथ दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता के शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीण
घटना के दौरान नाबालिग ने साहस दिखाते हुए शोर मचाना शुरू किया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण नहर की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख आरोपी मौके से भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन लोगों ने उन्हें घेर लिया और तत्काल कामाख्या ओपी पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके से दो और बाद में तीसरे आरोपी को दबोचा
सूचना मिलते ही कामाख्या ओपी प्रभारी राहुल कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और दो आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर फरार चल रहे तीसरे आरोपी को भी देर शाम गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सहरा पंचायत के हलम बाग टोला निवासी रामलाल सोरेन और गोपाल सोरेन, जिनके पिता का नाम चेतन सोरेन बताया गया है, के साथ एक विधि-विवादित किशोर को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है।
एफएसएल टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए मरंगा थानाध्यक्ष कौशल कुमार के नेतृत्व में विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम भी देर शाम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य नमूने एकत्र किए, ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
जीएमसीएच में भर्ती पीड़िता, स्पीडी ट्रायल की तैयारी
घटना के बाद पीड़ित नाबालिग को तत्काल इलाज और आवश्यक चिकित्सीय जांच के लिए जीएमसीएच पूर्णिया में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने मामले में स्पीडी ट्रायल के माध्यम से दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही है।