पूर्णिया जिले के फनीश्वरनाथ रेणु टीओपी की प्रभारी महिला पुलिस अवर निरीक्षक शबाना आजमी द्वारा अपने परिजनों को थानाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाकर फोटो खिंचवाने और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का मामला सामने आया है।
पूर्णिया में एक महिला थानाध्यक्ष द्वारा अपनी ड्यूटी की गरिमा को दरकिनार कर थाने की कुर्सी पर परिजनों को बैठाने का मामला सामने आया है। यह पूरा घटनाक्रम सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद चर्चा में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया रेंज के डीआईजी ने जांच के आदेश दिए हैं।
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जानकारी के अनुसार, यह मामला पूर्णिया के फनीश्वरनाथ रेणु टाउन आउटपोस्ट (टीओपी) से जुड़ा है, जहां महिला पुलिस अवर निरीक्षक शबाना आजमी प्रभारी के पद पर तैनात हैं। शबाना आजमी ने अपने माता-पिता को थानाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाकर उनकी तस्वीरें खिंचवाईं और फिर उन्हें स्वयं अपने सोशल मीडिया अकाउंट—फेसबुक और इंस्टाग्राम—पर 27 जुलाई को साझा कर दीं। इन तस्वीरों में शबाना खुद कुर्सी के पास खड़ी दिखाई दे रही हैं।
तस्वीर के साथ उन्होंने कैप्शन लिखा—"जब मां-बाप की आंखों में खुशी देखनी हो तो सपने सिर्फ खुद के लिए नहीं होते।" हालांकि, यह भावनात्मक पहलू सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया, क्योंकि थानाध्यक्ष की कुर्सी को आम नागरिकों के लिए प्रतीकात्मक रूप से सुरक्षित माना जाता है और इसकी मर्यादा बनी रहे, यह जरूरी है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्णिया आईजी प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया कि यह आचरण अनुचित है। उन्होंने कहा कि एक पुलिस पदाधिकारी द्वारा थाने की कुर्सी को निजी उपयोग में लाना और उस पर सार्वजनिक पोस्ट करना विभागीय नियमों का उल्लंघन है। मामले की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।