फारबिसगंज से कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम में अररिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव शामिल होने पहुंचे, उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपने हालिया बयान को लेकर उठे विवाद पर स्पष्ट प्रतिक्रिया दी।
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि उनका बयान किसी एक जाति राजपूत, भूमिहार या ब्राह्मण के खिलाफ नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत के दौरान अलग-अलग जाति और वर्गों का सामान्य संदर्भ आया, जिसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। समाज में बराबरी और सम्मान की बात करते हैं।
वहीं, उन्होंने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अक्सर भड़काऊ और उलट-पुलट बयान देते रहते हैं। पप्पू यादव ने कहा कि यदि सनातन और हिंदू राष्ट्र की बात की जाती है, तो मठ-मंदिरों सहित सभी धार्मिक संस्थानों में पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को भी समान अधिकार मिलना चाहिए।
सांसद ने आगे कहा कि समाज में हिंदू-मुस्लिम के नाम पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा के कई आईएएस-आईपीएस अधिकारियों और कलाकारों ने भी अंतरधार्मिक विवाह किए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सामाजिक समरसता ही वास्तविक सच्चाई है। उन्होंने सामाजिक भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज भी कुछ परंपराओं और प्रतीकों जैसे पगड़ी पहनना या घोड़े पर बैठना को लेकर लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है, जो लोकतांत्रिक और समान समाज के विचार के खिलाफ है।
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पप्पू यादव ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त असमानताओं पर खुलकर बात करना है, ताकि हर वर्ग को बराबरी का अधिकार और सम्मान मिल सके। इस मौके पर फारबिसगंज कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास, अररिया के पूर्व विधायक जाकिर हुसैन खान, पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल सिन्हा, वर्तमान जिलाअध्यक्ष शाद अहमद, मनोज जायसवाल सहित जिले के अलावा आसपास क्षेत्र से जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।