किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत भोलमारा ग्राम पंचायत की पैक्स में धान खरीद के नाम पर हुए करोड़ों के घोटाले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस घोटाले में मुख्य आरोपी पैक्स अध्यक्ष वसीम अख्तर को पौआखाली थाना क्षेत्र से शुक्रवार शाम करीब चार बजे गिरफ्तार किया गया। वसीम वर्ष 2023 से फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर की गई है।
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पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधक पर धान की हेराफेरी का आरोप
इस मामले में भोलमारा की पैक्स प्रबंधक गोलू देवी भी नामजद आरोपी हैं, जो अब तक फरार हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अध्यक्ष और प्रबंधक ने संयुक्त रूप से 50 किसानों से 433 लॉट धान की खरीदारी की थी। इनमें से केवल 264 लॉट धान ही राइस मिल को आपूर्ति किया गया, जबकि बाकी 169 लॉट धान का कोई लेखा-जोखा नहीं दिया गया। प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी अंजय कुमार ने बताया कि गायब धान के संबंध में कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन न तो जवाब मिला और न ही धान का कोई हिसाब पेश किया गया। अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण भी किया, परंतु स्थिति जस की तस बनी रही।
सहकारिता विभाग की शिकायत पर हुई कार्रवाई
सहकारिता विभाग द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर 28 सितंबर 2023 को बिहार सहकारिता अधिनियम 1935 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि कुल 34 लाख 89 हजार 850 रुपये मूल्य के धान का गबन किया गया है। इस मामले में दो नामजद आरोपी बनाए गए हैं- पैक्स अध्यक्ष वसीम अख्तर और प्रबंधक गोलू देवी।
पौआखाली थाना अध्यक्ष आशुतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी वसीम अख्तर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। वहीं, दूसरी आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगातार छापामारी कर रही है।
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किसानों में आक्रोश, भरोसे की संस्था बनी भ्रष्टाचार की शिकार
घोटाले के खुलासे के बाद क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों का कहना है कि वे अपना धान पूरी मेहनत से पैक्स को बेचते हैं, ताकि उन्हें उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिल सके। लेकिन जब वही संस्था गबन और भ्रष्टाचार में लिप्त पाई जाती है, तो यह न केवल किसानों के साथ धोखा है, बल्कि पूरे सहकारी तंत्र पर सवाल खड़े करता है।