दो हिंदू परिवारों के वोटर लिस्ट में जारी सदस्यों के नामों में पाई गई गड़बड़ी
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कटिहार जिले में मतदाता गहन विशेष पुनरीक्षण के बाद वोटर लिस्ट में सामने आई गंभीर गड़बड़ी ने न केवल प्रशासन को सकते में डाल दिया है, बल्कि स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच आक्रोश की लहर दौड़ गई है। मामला नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 44 स्थित तीनगछिया मोहल्ले का है। जहां एक ही बूथ पर दो अलग-अलग हिंदू परिवारों के पते पर मुस्लिम नाम जोड़े जाने से विवाद खड़ा हो गया है।
श्रीवास्तव परिवार के पते पर जुड़ा मुस्लिम मतदाता का नाम
गड़बड़ी का पहला मामला बाजार समिति मतदान केंद्र के बूथ संख्या 280 के हाउस नंबर 118 का है। इस पते पर राजकुमार लाल श्रीवास्तव अपने परिवार के साथ रहते हैं। वोटर लिस्ट में उनके परिवार के कुल आठ मतदाता दर्ज हैं, लेकिन छोटे बेटे का नाम किसी अन्य पते पर दर्ज कर दिया गया है। हैरत की बात यह है कि उसी हाउस नंबर 118 पर 'सैयद वसीम अकरम' नामक मुस्लिम मतदाता का नाम जोड़ दिया गया, जबकि यह व्यक्ति उस पते पर रहता ही नहीं है।
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मंटू ऋषि के घर से गायब पत्नी का नाम
दूसरा मामला हाउस नंबर 173 से जुड़ा है, जहां मंटू ऋषि और उनकी पत्नी मुन्नी देवी निवास करते हैं। इस पते से केवल दो मतदाता होने चाहिए, लेकिन मुन्नी देवी का नाम वोटर लिस्ट से गायब है। इसके स्थान पर 'सैयद अख्तर आलम' और 'फरीदा खातून' जैसे मुस्लिम नाम जोड़ दिए गए हैं। यह गड़बड़ी स्थानीय लोगों के लिए चौंकाने वाली है और मतदाता पुनरीक्षण की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रही है।
गलती या साजिश? जनप्रतिनिधि और जनता में असमंजस
एक ही बूथ संख्या पर दो ऐसे मामलों के सामने आने के बाद इलाके में गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि किसी गहरी साजिश का हिस्सा हो सकती है। वहीं जनप्रतिनिधि भी नाराजगी जता रहे हैं और चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं।
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प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन
कटिहार के जिलाधिकारी मनेष कुमार मीणा ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का संदेह है, तो वह संबंधित बीएलओ से संपर्क करें। जिलाधिकारी ने यह भी भरोसा दिलाया कि जिन पतों पर अनाधिकृत नाम जुड़े हैं, उनकी गहनता से जांच की जाएगी और गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी।