बिहार में इन दिनों कानून की पकड़ थोड़ी ढीली नजर आ रही है। अपराधी बेखौफ होकर कानून व्यवस्था कायम होने के दावे की पोल खोल रहे हैं। इसी कड़ी में अररिया जिले में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने गई पुलिस गांववालों के गुस्से का शिकार हो गई। घटना भरगामा थाना क्षेत्र के नया भरगामा पंचायत के हिंगवा गांव की है। मंदिर बनाने के विवाद में मंगलवार की देर शाम ये घटना ने खूनी झड़प का रूप ले लिया।
जान बचाने को पुलिस ने की 15 राउंड फायरिंग
बताया जा रहा है कि भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने फायरिंग भी की। फारबिसगंज डीएसपी मनोज कुमार समेत लगभग 15 पुलिसकर्मी और कुछ ग्रामीण घायल हैं। गुस्साई भीड़ से बचने के लिए फारबिसगंज एसडीओ और तमाम अधिकारियों को भागकर एक घर में शरण लेनी पड़ी। जिलाधिकारी हिमांशु और एसपी धुरत सायली ने मौके पर पहुंचकर अधिकारीयों को मुक्त कराया। घायल डीएसपी का इलाज इलाज मैक्स अस्पताल में चल रहा है।
सरकारी जमीन ऊपर मंदिर की मांग
गांव का एक गुट इस सरकारी जमीन पर मंदिर तो दूसरा यहां आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की मांग कर रहा था। कुछ दिन पूर्व कुछ ग्रामीणों ने इस जमीन पर टेंट और ध्वज लगाकर भजन-कीर्तन शुरू कर दिया था। पुलिस के मुताबिक जमीन खाली कराने के दौरान ग्रामीणों ने हमला बोल दिया जबकि ग्रामीणों की मानें तो एसडीओ ने आते ही माइक तोड़ दिया और सिपाही को जमीन खाली कराने को कहा। जिसके बाद गुस्साए लोगों ने पथराव शुरू कर दिया।
अब बनेगा सामुदायिक भवन
जिलाधिकारी हिमांशु कुमार के मुताबिक यहां मैजिस्ट्रेट और पुलिस की तैनाती कर दी की गई है और हालात काबू में हैं। सभी पक्ष विवाद वाली सरकारी जमीन पर सामुदायिक भवन बनाने की बात पर सहमत हो गए हैं।