भाजपा नेता छोटे मुखिया कांग्रेस में शामिल
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नालंदा की राजनीति में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और नालंदा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी कौशलेंद्र कुमार उर्फ छोटे मुखिया ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। उन्होंने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थामा, जिससे जिले की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं।
राजेंद्र आश्रम में हुआ कांग्रेस में प्रवेश, कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
यह शामिली समारोह नालंदा के राजेंद्र आश्रम स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां छोटे मुखिया के साथ उनके दर्जनों समर्थक भी मौजूद थे। इस अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं बिहार प्रभारी देवेंद्र यादव, राजगीर के पूर्व विधायक रवि ज्योति और पूर्व जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार भी उपस्थित थे। समारोह में छोटे मुखिया का जोरदार स्वागत किया गया।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद छोटे मुखिया ने अपने राजनीतिक जीवन की चर्चा करते हुए कहा, "मेरा सफर एक साधारण मुखिया से शुरू हुआ और जनसेवा के जरिए आज इस मुकाम तक पहुंचा हूं।" उन्होंने इसे “तीन दशक बनाम पांच वर्ष की लड़ाई” बताते हुए कहा कि नालंदा में सुशासन की आड़ में एक व्यक्ति की सत्ता चल रही है, जिससे जनता त्रस्त है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और सत्ता का केंद्रीकरण जैसे मुद्दों से जनता परेशान है और यही कारण है कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने का संकल्प लिया है।
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नीतीश सरकार पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव देवेंद्र यादव ने छोटे मुखिया के पार्टी में प्रवेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह कांग्रेस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बिहार की एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि "अब जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस-INDA गठबंधन आने वाले चुनाव में नालंदा सहित पूरे राज्य में मजबूत होकर उभरेगा।" राजनीतिक जानकारों के अनुसार, छोटे मुखिया जदयू नेता एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के धुर विरोधी माने जाते हैं। उनके कांग्रेस में शामिल होने से आगामी विधानसभा चुनावों में नालंदा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की पूरी संभावना है। जहां यह कदम कांग्रेस को नालंदा में नई ऊर्जा देगा, वहीं भाजपा के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है।