बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के मुखिया नीतीश कुमार ने भले ही राज्य में पूर्ण शराबबंदी कर रखी हो और राज्य में शराब पीने-पिलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की मंशा दोहराते रहते हैं, लेकिन उनकी ही पार्टी के नेताओं पर इसका खौफ नहीं है। सुपौल में जेडीयू के एक नेता की गाड़ी में खुलेआम शराब पी-पिलाई जा रही थी।
बिहार में सुपौल के त्रिवेणीगंज में बुधवार को पुलिस को इस घटना का पता चला पाया। अररिया-सुपौल नेशनल हाइवे 327ई पर लक्ष्मीनियां गांव में एक गाड़ी देर रात तक सड़क किनारे खड़ी थी। उजले रंग की स्कार्पियो गाड़ी पर जिला
जेडीयू सुपौल किसान प्रकोष्ठ का नेम प्लेट लगा हुआ था। गश्त कर रही पुलिस ने संदेह होने पर जब गाड़ी की जांच की तो गाड़ी में शराब की बोतल समेत प्लास्टिक के ग्लास के साथ तीन लोगों को शराब पीते रंगे हाथों पकड़ा।
पुलिस ने गाड़ी में सवार तीनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही विदेशी शराब और प्लास्टिक की डिस्पोजल ग्लास को भी जब्त कर लिया। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साथ ही पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
बिहार में शराबबंदी को पूरी तरह लागू करने का सपना देख रहे
नीतीश कुमार को तब झटका लगता है जब उनकी ही पार्टी से जुड़े नेताओं का नाम ऐसी घटनाओं से जुड़ता है। बिहार में शराब की मांग को देखते हुए हाई प्रोफाइल शराब माफिया सक्रिय हैं जो राज्य के हर शहर में शराब सप्लाई करने का दावा करते हैं। समय-समय पर पुलिस की कार्रवाई में वीआईपी नंबर वाली गाड़ियों में शराब तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। जिसके बाद पूर्ण शराबबंदी पुलिस के लिए भी एक चुनौती बनी हुई है।