प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के सासाराम से चुनावी रैली का आगाज किया। उन्होंने भोजपुरी में भाषण की शुरुआत की और लोगों से जुड़ने की पूरी कोशिश की। रैली के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से ध्यान दिया गया। मंच पर दो स्टेज बनाए गए थे। एक पीएम मोदी के लिए और दूसरे अन्य नेताओं के लिए।
वहीं कोरोना के प्रकोप को देखते हुए मोदी और नीतीश की कुर्सियों को भी दूर-दूर लगाया गया। पीएम ने कहा कि बिहार के स्वाभिमानी और मेहनती भाई बहन आप सबे के प्रणाम। अन्नदाता, मेहनतकश, किसान भाई-बहन लोग के इ धान के कटोरा कहल जाये गौरवशाली धरती के हम नमन करत बानी।
पीएम मोदी ने कहा कि वो सबसे पहले बिहार की जनता को बधाई देना चाहते हैं कि वो इतनी बड़ी बीमारी से डटकर सामना कर रहे हैं। कोरोना महामारी से बचने के लिए जिस तरह बिहार के लोगों ने काम किया, आज उसके परिणाम देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार ने हाल ही में अपने दो सपूतों को खोया है, जिन्होंने दशकों तक यहां के लोगों की सेवा की है।
पीएम मोदी ने रामविलास पासवान को याद करते हुए कहा कि मैं उनको श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। पीएम मोदी से पहले नीतीश कुमार ने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई में देश कोरोना से जंग लड़ रहा है। बिहार में केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस का पालन किया गया।
नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र के सहयोग से दूसरे राज्यों में फंसे अपने लोगों को राज्य में वापस लाया गया। नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र की ओर से राशन, सिलेंडर और शौचालय की सुविधाओं को दिया गया। नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार ने कोरोना के दौर में दस करोड़ से ज्यादा खर्च किया है, राज्य में लोगों की आर्थिक मदद दी है।
नीतीश कुमार ने कहा कि पहले 15 साल यहां क्या हाल रहा है, हमने यहां मेडिकल कॉलेज खोले हैं और केंद्र की तरफ से भी सहयोग मिला है। बिहार में अपराध का आंकड़ा कम कर दिया गया है। नीतीश कुमार ने कहा कि अब हर गांव में सोलर लाइट लगाई जाएगी, हर खेत तक पानी और नई तकनीक से खेती को बढ़ावा देंगे।