बिहार में मंगलवार को पायलिन चक्रवाती तूफान के प्रभाव के कारण राज्य के उत्तरी हिस्सों को छोड बाकी हिस्सों में सुबह से ही बारिश नहीं हो रही है। लेकिन इस बीच बिहार में भी इस तूफान से लोगों के हताहत होने की खबरे मिली हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के अलग-अलग जिलों में सोमवार और मंगलवार को कुल 11 लोग मारे गए हैं।
जानकारी के अनुसार पेड गिरने से वैशाली में चार और मधेपुरा में दो लोगों ने जान गंवाई जबकि भागलपुर जिले में भारी बारिश के कारण तीन लोगों के मारे जाने की सूचना है।
साथ ही बक्सर और मुजफ्फरपुर में एक-एक व्यक्ति की मौत मकान गिरने से हुई है।
बाढ जैसी स्थिति नहीं
आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य में नदियों का जल-स्तर बढा है लेकिन सभी नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे है और बाढ को लेकर कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है।
राजधानी पटना में भी मंगलवार सुबह से बरसात नहीं हो ही है। ऐसे में लोग अपने जरुरी काम निपटाने के लिए बडी संख्या में घरों से निकले। सडकों पर खास कर दुर्गा-पूजा संपन्न होने के बाद देवी दुर्गा और अन्य प्रतिमाओं को विसर्जित करने वाले भक्तों की भीड दिखी। भक्तों ने बारिश से बचाने के लिए प्रतिमाओं को पारदर्शी प्लास्टिक की चादरों से लपेट रखा था।
पटना में लगातार बारिश से लोगों को राहत तो मिली है लेकिन कई इलाकों में जल-जमाव की समस्या बनी हुई है और कई घरों में भी पानी घुस गया है।
दूसरी ओर, पटना मौसम विज्ञान केंद्र के सहायक वैज्ञानिक बीएन चौधरी ने बताया कि बिहार में पायलिन चक्रवात के कारण पैदा हुआ तूफान अब बिहार से पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर मुड गया है।
चौधरी के अनुसार इसके बावजूद अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के सभी जिलों में एक-दो जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले, सोमवार को पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार दोपहर तक सूबे में बारिश के थम जाने की संभावना जताई थी।
बीएन चौधरी ने यह भी बताया कि अगले चौबीस घंटों के दौरान राज्य के उत्तरी हिस्से में लगभग 20 किलोमीटर या इससे ज्यादा रफ्तार से हवाएं चलेंगी। जबकि राज्य के शेष हिस्से में हवा की रफ्तार लगभग 10 घंटे प्रति किलोमीटर रहने की संभावना है।
विज्ञान केंद्र के जारी आंकडों के मुताबिक सोमवार सुबह साढे आठ से मंगलवार साढे आठ बजे के बीच राज्य में सबसे ज्यादा बारिश कटिहार में दर्ज की गई। वहां इस दौरान 24 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश
सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे पायलिन च्रक्रवाती तूफान से उत्पन्न स्थिति पर निरंतर चौकसी रखें और जान-माल की सुरक्षा और राहत के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने सुपौल, पूर्णिया, सीतामढी, दरभंगा, गोपालगंज और पटना (बिहटा) जिलों में एनडीआरएफ और भागलपुर, पूर्णिया, बेगूसराय, जहानाबाद, भोजपुर, गोपालगंज और पटना (बिहटा) जिलों में एसडीआरएफ की टीमों को तैयार रहने को कहा हैं।