रोहतास जिले में रविवार को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मिनी गन फैक्टरी का खुलासा किया। इस कार्रवाई में अवैध हथियारों के निर्माण और कारोबार से जुड़े तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और उन्हें बनाने में प्रयुक्त औजार भी बरामद किए हैं।
गेट ग्रिल दुकान की आड़ में हथियारों का निर्माण
पुलिस के अनुसार, काराकाट थाना क्षेत्र के देव मार्केण्डेय गांव के समीप रामाशंकर शर्मा और उसका भतीजा सोनु कुमार गेट ग्रिल दुकान की आड़ में अवैध रूप से आग्नेयास्त्रों का निर्माण, मरम्मत और बिक्री कर रहे थे। सूचना मिलने के बाद विक्रमगंज एएसपी संकेत कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई, जिसने छापामारी कर इस अवैध गतिविधि का पर्दाफाश किया।
हथियार और निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की बरामदगी
छापामारी के दौरान पुलिस ने दो देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, तीन अर्धनिर्मित देशी कट्टा, चार क्षतिग्रस्त देशी कट्टा, एक अर्धनिर्मित पुराना देशी कट्टा, एक मैगजीन, एक खोखा, पेचकश, लोहा काटने का सीरसा, वायरनियर, बैरल बनाने में उपयोग होने वाले लोहे के रड और एक की-पैड मोबाइल बरामद किया। इसके अलावा तीसरे अभियुक्त शशि सिंह के पास से पुआल में छुपाए गए लोहे के छोटे-बड़े छह रड, हथियार बनाने में प्रयुक्त स्प्रिंग और एक फायर किया हुआ खोखा भी मिला।
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छह महीने से चल रहा था अवैध धंधा
रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में रोहतास के पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि यह अवैध हथियारों का कारोबार पिछले छह महीने से फल-फूल रहा था। गेट ग्रिल दुकान की आड़ में तैयार हथियारों की जिले के बाहर भी आपूर्ति किए जाने के प्रमाण पुलिस को मिले हैं।
नेटवर्क की जांच और स्पीडी ट्रायल की तैयारी
पुलिस गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस अवैध कारोबार के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का पता लगा रही है। एसपी ने बताया कि अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है और मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। छापामारी दल में शामिल पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की भी घोषणा की गई है।