Bihar: मुख्यमंत्री उद्यमी योजना और बिहार लघु उद्यमी योजना जैसी सरकारी योजनाओं के जरिए युवाओं को वित्तीय सहायता के साथ-साथ बिजनेस ट्रेनिंग भी दी जा रही है, ताकि वे सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय चला सकें।
बिहार में छोटे और मध्यम कारोबारों (MSME) को मजबूत करने और उद्यमियों को नए अवसर देने के लिए उद्योग विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ‘रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग MSME परफॉर्मेंस (RAMP)’ कार्यक्रम के तहत उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
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इस समझौते के तहत चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान पटना (CIMP), भारतीय प्रबंधन संस्थान बोधगया (IIM बोधगया), केंद्रीय पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET) वैशाली और भागलपुर, और AMHSSC जैसे बड़े संस्थान राज्य के 80,000 MSME उद्यमियों को प्रशिक्षण देंगे। यह प्रशिक्षण पूरी तरह गैर-आवासीय होगा और इसका मकसद उद्यमियों को आधुनिक बिजनेस तकनीक, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता, लीन मैन्युफैक्चरिंग और नेतृत्व कौशल जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराना है।
इस मौके पर आयोजित समारोह में बिहार के उद्योग मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार MSME सेक्टर को मजबूती देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना और बिहार लघु उद्यमी योजना जैसी सरकारी योजनाओं के जरिए युवाओं को वित्तीय सहायता के साथ-साथ बिजनेस ट्रेनिंग भी दी जा रही है, ताकि वे सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय चला सकें।
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MoU पर हस्ताक्षर के दौरान उद्योग विभाग के निदेशक शेखर आनंद, सहायक उद्योग निदेशक निशा कुमारी और RAMP कार्यक्रम टीम के सदस्य भी मौजूद रहे। इस समझौते से बिहार के उद्यमियों को नए बिजनेस अवसरों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।