पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई व राष्ट्रीय जनता दल के विधान परिषद सदस्य डॉ. सुनील कुमार सिंह ने सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला है। विधान परिषद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाए हैं। डॉ. सुनील कुमार सिंह ने कहा कि यह जीत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लाखों कार्यकर्ताओं की है, जिन्होंने मेरे साथ चट्टानी एकता के साथ खड़ा होकर संघर्ष किया।" उन्होंने राज्य सरकार पर तानाशाही और निरंकुश शासन का आरोप लगाते हुए कहा, "अगर कोई निरंकुश सरकार है, तानाशाह सरकार है, हिटलरशाही सरकार है, तो उसे पर अंकुश लगाने का यह आदेश है।"
बेरोजगारों के साथ छलावा किया जा रहा
बजट पर टिप्पणी करते हुए डॉ. सुनील कुमार सिंह ने कहा कि बजट में जिस तरह कागज पर छलावा किया जा रहा है, जिस तरह से बेरोजगारों के साथ छलावा किया जा रहा है। इस राज्य में जैसे ही कोई बच्चा जन्म लेता है, उसके ऊपर 29,000 का कर्ज होता है उन्होंने राज्य की प्रति व्यक्ति आय को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में प्रति व्यक्ति आय 68,000 है और यह पूरे देश में नीचे से टॉप है। डॉ. सुनील कुमार सिंह ने अपनी बातों में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का भी समर्थन किया कि "जब आप लालू यादव को नहीं झुका पाए, तेजस्वी यादव को नहीं डरा पाए तो आप सुनील कुमार का क्या बिगाड़ लीजिएगा।"
सुनील कुमार सिंह के कृत्य को अनुचित माना गया
दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने 26 फरवरी 2025 को एमएलसी सुनील कुमार सिंह के निष्कासन को अनुचित मानते हुए उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद उनकी सदस्यता फिर से बहाल कर दी गई। बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सदन में उनकी सदस्यता बहाल करने की घोषणा की। सभापति ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सुनील कुमार सिंह के कृत्य को अनुचित माना, लेकिन उनकी सात महीने की निष्कासन अवधि को सजा के लिए पर्याप्त माना, इसलिए सदस्यता बहाल की गई है।