कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास
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बिहार कांग्रेस में जिला स्तर से लेकर प्रदेश कमेटी तक बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। पार्टी के प्रदेश प्रभारी भक्त चरण दास की कवायद यह साफ बता रही है कि पार्टी में बड़े पैमाने पर बदलाव होना तय है।
दास ने स्पष्ट कहा कि दो महीने के भीतर हर स्तर पर बड़ा बदलाव होना तय है। इस संकेत के साथ ही एक बार फिर परिक्रमा परिपाटी वाले कांग्रेसी अपने नेताओं के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं।
पूर्व प्रदेश प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल की ही तरह अब लोग भक्त चरण दास की परिक्रमा लगा रहे हैं। शक्ति सिंह गोहिल को जिस तरह से कांग्रेस का कर्णधार बताया जाता था, वैसे ही अब चरण दास के गुण गान हो रहा है।
दरअसल कांग्रेस के सामने असली चुनौती यही है। पार्टी में व्याप्त नौकरशाही ने एक तरह से नए लोगों के लिए दरवाजे बंद कर रखे हैं। दूसरी ओर अगर किसी नए आदमी ने पार्टी में कहीं जगह बना भी ली तो पुरानी पीढ़ी उसके लिए इतने अवरोध पैदा कर दे रही है कि नई पीढ़ी खुद को अलग-थलग महसूस करने लग रही है।
नए प्रदेश प्रभारी के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी है कि ऊर्जावान इस नई पीढ़ी को वह कैसे भरोसा दिला पाएंगे कि कांग्रेस उनका भविष्य है। पार्टी में बदलाव के संकेत के साथ जिन लोगों से वह खुद घिरे हैं यह वही लोग तो हैं जो अलग-अलग गुटों में बंटकर पिछले 15-20 वर्षों से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की परिक्रमा करते रहे हैं और कांग्रेस की जमीन को अपने निजी स्वार्थों के चक्कर में बंजर करते रहे हैं।