विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 का गुरुवार को भव्य और विधिवत शुभारंभ हो गया। शंखध्वनि और दीप प्रज्ज्वलन के साथ मेले का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर बिहार सरकार के प्रभारी मंत्री-सह-राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने मेले की शुरुआत की। उद्घाटन समारोह में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने कांवरियों की सुविधा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं।
पांच मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ शुभारंभ
उद्घाटन समारोह में ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह और शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
टेंट सिटी और जीविका दीदी की रसोई का हुआ लोकार्पण
उद्घाटन समारोह से पहले प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैयार की गई टेंट सिटी और जीविका दीदी की रसोई का लोकार्पण किया।
इसके बाद उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी, सूचना केंद्र, अस्थायी थाना, मेडिकल सेंटर, पेयजल व्यवस्था, आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और कांवरियों के लिए उपलब्ध कराई गई अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मेले की तैयारियों की हुई सराहना
कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों और जनप्रतिनिधियों ने श्रावणी मेला-2026 के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों की सराहना की।
तकनीक से होगी अधिकारियों की निगरानी
जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता प्रत्येक कांवरिया श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि पूरे कांवरिया पथ पर दंडाधिकारी और कर्मियों की तैनाती की गई है। उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है और इसकी प्रतिदिन निगरानी की जा रही है।
डीएम ने कहा कि कांवरिया पथ पर स्वच्छता व्यवस्था को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। रोस्टर के अनुसार सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है, जो लगातार साफ-सफाई, कचरा निष्पादन और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में जुटे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस की विशेष नजर
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि कांवरिया पथ और मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के माध्यम से लगातार की जा रही है।
उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को निर्देश दिया कि वे सेवा-भाव और संवेदनशीलता के साथ श्रद्धालुओं की सहायता करें और किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दें।
आस्था के रंग में रंगा कांवरिया पथ
शंखध्वनि के साथ श्रावणी मेला-2026 की शुरुआत होते ही बाबा वैद्यनाथ धाम की ओर जाने वाला कांवरिया पथ श्रद्धालुओं की आस्था से पूरी तरह गुलजार हो गया। प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुविधाओं से जुड़ी सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।