बिहार पर्यटन विभाग ने श्रावणी मेला 2025 के दौरान श्रद्धालुओं और कांवरियों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारी की है। सुल्तानगंज से दुम्मा सीमा और पहलेजा घाट से बाबा गरीबनाथ मंदिर, मुजफ्फरपुर तक टेंट सिटी, शौचालय, पेयजल, कांवर स्टैंड, चिकित्सा सुविधा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई है।
पवित्र श्रावण मास के शुभारंभ के साथ ही 11 जुलाई से शुरू हो रहे विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला के लिए पर्यटन विभाग ने सुल्तानगंज से दुम्मा सीमा और पहलेजा घाट से बाबा गरीबनाथ मंदिर, मुजफ्फरपुर तक श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली है। मेला 7 अगस्त तक चलेगा।
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श्रद्धालुओं और कांवरियों के लिए पूरे मार्ग में टेंट सिटी, शौचालय, पेयजल, कांवर स्टैंड, मनोरंजन व चिकित्सा जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इस बार पहली बार पहलेजा घाट से बाबा गरीबनाथ मंदिर के मार्ग को भी पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा गया है।
पहलेजा घाट पर 500 लोगों के बैठने की क्षमता वाला जर्मन हैंगर टेंट
मुजफ्फरपुर (आरडीएस कॉलेज) में 1000 लोगों की क्षमता का टेंट
वैशाली (गोरौल, बिठौली) व तुर्की, मुजफ्फरपुर में 200-200 लोगों की क्षमता वाले टेंट सिटी
सभी टेंट सिटी में पंखे, कूलर, कुर्सियाँ, टेबल, सीसीटीवी, सुरक्षा व्यवस्था, कांवर स्टैंड, साफ-सफाई, बिजली, चिकित्सा सुविधा और मनोरंजन की व्यवस्था की गई है। आरडीएस कॉलेज टेंट सिटी में भजन संध्या जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सूचना केंद्र और हेल्पलाइन:
पर्यटन विभाग ने श्रद्धालुओं की सहायता के लिए कुल 12 अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र स्थापित किए हैं। यहां मेला से जुड़ी सभी जानकारियां, ब्रॉशर और सुविधा विवरण मुफ्त में उपलब्ध होंगे।
गंगा आरती और लेजर शो
सुल्तानगंज में गंगा आरती का आयोजन होगा। साथ ही मेला उद्घाटन व समापन के अवसर पर भगवान शिव के जीवन पर आधारित लेजर शो भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। प्रत्येक टेंट सिटी में प्रभारी अधिकारी की नियुक्ति की गई है। उनके मोबाइल नंबर व स्थानीय पुलिस प्रशासन के टोल फ्री नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में श्रद्धालु त्वरित सहायता प्राप्त कर सकें।