बिहार सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और स्वच्छता के उद्देश्य से 16 नगर निकायों में 100 सीटों वाले पिंक टॉयलेट्स का निर्माण शुरू किया है। इनमें सभी आवश्यक सुविधाएं और महिला कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। यह पहल महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकती है।
महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने एक अहम पहल की है। अब राज्य के नगर निकायों में "पिंक टॉयलेट" का निर्माण शुरू हो चुका है, जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए बनाए जा रहे हैं। इन टॉयलेट का संचालन और उपयोग केवल महिलाएं ही करेंगी। सरकार की यह योजना सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न और हिंसा से सुरक्षा देने के साथ-साथ उनकी निजता और स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में मुख्यमंत्री द्वारा इस योजना की घोषणा की गई थी।
स्वच्छ भारत मिशन और राज्य योजना के तहत निर्माण
नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत राज्य के 10 नगर निकायों में कुल 70 सीटों वाले पिंक टॉयलेट बनाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त राज्य योजना से भी 6 नगर निकायों में 30 सीटों की व्यवस्था की जा रही है। इस परियोजना पर कुल 2.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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इन टॉयलेट्स को पिंक रंग में रंगा जा रहा है, जिससे इन्हें आसानी से महिलाओं के लिए पहचाना जा सके। टॉयलेट्स में बिजली, पानी, स्वच्छता और सेनेटरी पैड की उपलब्धता जैसे सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही, पैड के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था और एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा। इन टॉयलेट्स में महिला केयरटेकर की तैनाती की जाएगी।
किन नगर निकायों में बनेंगे पिंक टॉयलेट:
गया, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ, पूर्णिया, सासाराम, सीतामढ़ी, राजगीर, बोधगया, सुल्तानगंज, भभुआ, बड़हिया, बक्सर, जाले, सिंहवाड़ा, कमतौल-अहियारी और देव नगर पंचायत में इनका निर्माण हो रहा है।
मंत्री और सचिव ने क्या कहा?
नगर विकास मंत्री जिवेश कुमार ने कहा, "महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और गरिमा के लिए यह एक बड़ा कदम है। यह पहल महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा देगी।" वहीं, विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने कहा कि पिंक टॉयलेट्स में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और इनका संचालन पूरी तरह महिलाओं के द्वारा किया जाएगा।