Bihar News: दीपक प्रकाश ने मतगणना स्थल पर भले ही आधिकारिक तौर पर एक निर्दलीय प्रत्याशी का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन असल में वे अपनी मां स्नेहलता कुशवाहा के लिए मतगणना प्रक्रिया पर नजर रख रहे थे। इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद परिवारवाद को लेकर लगातार घिरते आ रहे आरएलएम सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा एवं उनके मंत्री पुत्र दीपक प्रकाश की मुश्किलें अभी थमने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ बिना चुनाव लड़े एवं राजनीतिक अनुभव के बिहार सरकार में बेटे को मंत्री बनाए जाने पर उपेंद्र कुशवाहा की खूब आलोचना हो रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में दीपक प्रकाश के जींस शर्ट एवं चप्पल पहनकर जाने को लेकर भी सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल किया जा रहा है। इतना ही नहीं पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश से जुड़ी एक और दिलचस्प जानकारी सामने आई है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी खूब चर्चा हो रही है।
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मतगणना अभिकर्ता बना सरकार में मंत्री
दरअसल, बिहार सरकार के नवनियुक्त मंत्री दीपक प्रकाश सासाराम सीट से निर्दलीय प्रत्याशी रामायण पासवान के मतगणना अभिकर्ता बने थे। मतगणना के दिन उन्होंने पूरा दिन काउंटिंग टेबल पर ही बिताया। दिलचस्प बात है कि इसी सीट से मंत्री दीपक प्रकाश की मां स्नेहलता कुशवाहा ने भी एनडीए प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन दीपक प्रकाश अपनी मां की जगह एक निर्दलीय प्रत्याशी के अभिकर्ता बने और पूरे मतगणना अवधि के दौरान वोटों की गिनती व प्रक्रिया पर पैनी नजर बनाए रखा।
हालांकि दीपक प्रकाश फिलहाल बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री बन गये हैं, लेकिन अब उनका चुनाव आयोग की तरफ से जारी मतगणना अभिकर्ता पहचान पत्र खूब वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर पहचान पत्र के वायरल होने के बाद एक बार फिर उपेंद्र कुशवाहा का पूरा परिवार निशाने पर है और लोग चुटकी ले रहे हैं।
निर्दलीय प्रत्याशी की जमानत जब्त
वहीं दीपक प्रकाश, जिस निर्दलीय प्रत्याशी रामायण पासवान के मतगणना अभिकर्ता बने, उनकी विधानसभा चुनाव में जमानत जप्त हो गई। उन्हें मात्र 327 वोट मिले। कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि दीपक प्रकाश ने मतगणना स्थल पर भले हीं आधिकारिक तौर पर एक निर्दलीय प्रत्याशी का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन असल में वे अपनी मां स्नेहलता कुशवाहा के लिए मतगणना प्रक्रिया पर नजर रख रहे थे। वहीं इस घटनाक्रम के बाद कई सवाल खड़े हो रहे है और राजनीतिक गलियारों में भी खूब चर्चा हो रही है।