केंद्र और राज्य सरकार की आरक्षण विरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल द्वारा पूरे बिहार के जिला मुख्यालयों पर गुरुवार को एक दिवसीय धरना दिया गया। इसके तहत पटना जिला महानगर और संगठन जिला बाढ़ के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय जनता दल प्रदेश कार्यालय के समक्ष धरना दिया गया।
बता दें कि पूर्व में महागठबंधन की सरकार ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जो 65 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की थी, उसको केंद्र सरकार के द्वारा नवमीं अनुसूची में शामिल करने की मांग किया गया। मालूम हो कि जाति आधारित गणना के बाद आरक्षण सीमा बढ़ाने का फैसला हुआ था। उसमें अनुसूचित जाति के लिए 20 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिए दो प्रतिशत, अति पिछड़ा वर्ग के लिए 25 प्रतिशत और पिछड़ा वर्ग के लिए 18 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था।
इसके अलावा आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई थी, जो 65+10 प्रतिशत यानी 75 प्रतिशत आरक्षण बिहार में महागठबंधन सरकार ने देने का फैसला लिया था। परंतु केंद्र की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने 65 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को नवमीं अनुसूची में शामिल नहीं किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष मो. कामरान, मा. विधायक इसराइल मंसूरी, पूर्व सांसद विजय कृष्ण, पटना जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और बाढ़ जिलाध्यक्ष, प्रदेश के पदाधिकारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष, जिले के पदाधिकारी सहित हजारों की संख्या में नेतागण एवं कार्यकर्तागण शामिल हुए।