विधानसभा परिसर में हंगामा करते नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव।
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बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार को सदन में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अपनी पार्टी के विधायक के बैठने की बात का कारण बताया। उन्होंने कहा- "राष्ट्रीय जनता दल के उन विधायकों की विधायकी चली जाए, जिन्होंने बहुमत परीक्षण के दौरान राजद की ओर से जारी व्हिप का उल्लंघन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार का साथ दिया था। हम बस यही दिखाना चाहते थे, इसलिए राजद विधायक भाई वीरेंद्र मुख्यमंत्री की कुर्सी की ओर गए थे। वह कुर्सी पर बैठे नहीं थे, बस बताने गए थे कि सत्ता और विपक्ष की कुर्सियां जब अलग-अलग जगह होती हैं तो विपक्ष में बैठने की जगह राजद के विधायक सत्ता की तरफ कैसे बैठ रहे हैं!"
भाई वीरेंद्र मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जा बैठे, भाजपा ने कहा- अमर्यादित
सदन में हंगामा का दौर जारी है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल के चर्चित विधायक भाई वीरेंद्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुर्सी पर जा बैठे। महागठबंधन विधायकों के हंगामे के बीच राजद नेता की इस करतूत पर सत्ताधारी विधायक भी हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष शांत कराने की कोशिश करते रहे, लेकिन यह मामला आगे ही बढ़ता गया। भाजपा विधायकों ने इसे अमर्यादित, अशोभनीय और अक्षम्य करार देते हुए भाई वीरेंद्र पर कार्रवाई की मांग की।
कार्रवाई की आवाज उठी तो सामने आए भाई वीरेंद्र ने क्या कहा
सदन में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने वाले राजद विधायक भाई वीरेंद्र बुरी तरह फंसते नजर आए। सत्ता पक्ष ने उनके इस रवैये पर कार्रवाई की मांग तेज कर दी। कुछ देर के बाद भाई वीरेंद्र सामने आए और कहा कि उनकी मंशा मुख्यमंत्री की सीट पर बैठने की नहीं थी, बल्कि सदन को जगाने के लिए यह किया गया। भाई वीरेंद्र का कहना है कि सदन में नियम का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सदन में नियम के अनुसार बैठने की व्यवस्ताा नहीं की जाती है तो अब हम लोग मंत्री के सीट पर बैठेंगे।