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बिहार : 'IPS कुंदन कृष्णन जमीन की कीमत गलत बता रहे, लेन-देन में गड़बड़ी की'- राजद सांसद का बड़ा आरोप

Tue, 03 Nov 2026 01:09 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Sudhakar Singh MP : राजद सांसद सुधाकर सिंह रुकने का नाम नहीं ले रहे। आईपीएस कुंदन कृष्णन ने उन्हें मानहानि का नोटिस दिया तो और भी सवालों के साथ सामने आ गए। प्रेस कांफ्रेंस के जरिए आरोपों का पुलिंदा सामने किया। 
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राजद सांसद ने आईपीएस कुंदन कृष्णन के खिलाफ शिकायतों की सूची और लंबी की। - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
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बिहार में पुलिस कार्रवाई में भरत भूषण तिवारी की मौत और कथित फेक एनकाउंटर को लेकर चल रहा विवाद अब बिहार एसटीएफ के डीजी कुंदन कृष्णन की संपत्ति तक पहुंच गया है। बक्सर से राजद सांसद सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया है कि कुंदन कृष्णन ने उन्हें पांच करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजकर सवालों को दबाने की कोशिश की है। सांसद ने अब अधिकारी और उनके परिवार की घोषित-अघोषित संपत्ति, जमीन के लेन-देन और आय के स्रोतों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। 
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मंगलवार को प्रेस वार्ता कर सुधाकर सिंह ने कहा कि उनके सवाल राजनीतिक या व्यक्तिगत लड़ाई का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और उनके परिवार की संपत्ति के वास्तविक स्रोतों से जुड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास वार्षिक संपत्ति विवरण, बिहार भूमि पोर्टल, जमीन के खाता-खेसरा और अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं। इन्हीं के आधार पर उन्होंने कई सवाल उठाए हैं।

100 करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति के मूल्य पर सवाल
सुधाकर सिंह ने दावा किया कि कुंदन कृष्णन और उनके परिवार के वार्षिक संपत्ति विवरण में 100 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों का उल्लेख है। इनमें नालंदा के बिंद और दरियापुर की पैतृक कृषि भूमि, पटना के नाला रोड स्थित मकान और गुरुग्राम का फ्लैट शामिल हैं। सांसद के मुताबिक, नालंदा के बिंद गांव में 7.5 एकड़ पैतृक कृषि भूमि का मूल्य 70 लाख रुपये, जबकि दरियापुर में 5.5 एकड़ जमीन का मूल्य 65 लाख रुपये बताया गया है। वर्ष 2020 में दरियापुर में खरीदी गई 3.8 एकड़ जमीन की कीमत 12 लाख रुपये दर्शाई गई है। वहीं, गुरुग्राम के पुरी डिप्लोमैटिक ग्रीन्स में तीन बेडरूम वाले फ्लैट का मूल्य दो करोड़ रुपये बताया गया है। उन्होंने सवाल किया कि इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य क्या है और इनके अधिग्रहण के लिए धन कहां से आया? संपत्ति घोषणा में दर्ज कीमत और मौजूदा बाजार मूल्य के अंतर की भी जांच होनी चाहिए।
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पत्नी और परिजनों के नाम पर जमीन खरीदने पर उठाए सवाल
राजद सांसद ने कुंदन कृष्णन की पत्नी डॉ. मल्लिका सिंह के नाम पर पटना के बैरिया और मालसलामी क्षेत्र में जमीन होने का दावा किया है। उनके मुताबिक, बैरिया में करीब 1.25 एकड़ कृषि भूमि का मूल्य 1.20 करोड़ रुपये बताया गया है। इसी इलाके में रितेश रंजन सिंह उर्फ बिट्टू सिंह की जमीन होने की बात भी कही गई है। सुधाकर सिंह ने पटना सिटी के सिमली मुरारपुर में डॉ. मल्लिका सिंह के नाम पर करीब 1.0763 एकड़ कृषि भूमि और 31.25 डिसमिल आवासीय जमीन का भी उल्लेख किया है। उन्होंने दावा किया कि इन भूखंडों में कुछ संपत्तियों का विवरण घोषित संपत्ति में नहीं दिखता है। 

उन्होंने कुंदन कृष्णन की मां के नाम पर मालसलामी क्षेत्र में करीब 7.81 डिसमिल जमीन की खरीद का भी जिक्र किया। सांसद ने सवाल उठाया कि इन जमीनों की खरीद के लिए धन किसने उपलब्ध कराया और क्या इन लेन-देन का उल्लेख आयकर तथा अन्य वित्तीय दस्तावेजों में है?

रितेश रंजन सिंह और रवि शेखर की भूमिका की जांच की मांग
सुधाकर सिंह ने रितेश रंजन सिंह उर्फ बिट्टू सिंह के साथ जमीन के लेन-देन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि पटना के बैरिया और सिमली मुरारपुर में कुंदन कृष्णन के परिवार से संबंधित भूखंडों के आसपास बिट्टू सिंह की भी जमीन है। उन्होंने आशंका जताई कि इन जमीनों के पीछे कोई साझा कारोबारी या वित्तीय संबंध हो सकता है। इसके अलावा रवि शेखर नाम के एक व्यक्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने दिल्ली और एनसीआर में संपत्ति निवेश से जुड़े मामलों की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इन कथित संबंधों और लेन-देन की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

धनौत की जमीन बेचने के दावे और भूमि पोर्टल के रिकॉर्ड में अंतर?
सांसद ने पटना जिले के रूपसपुर थाना क्षेत्र के धनौत मौजा में खाता संख्या 69 और प्लॉट संख्या 1986 की 15.5 डिसमिल जमीन का मामला भी उठाया है। उनके अनुसार, संपत्ति घोषणा में इस जमीन को वर्ष 2021 में बेचा हुआ बताया गया है, जबकि बिहार भूमि पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड में नाम अब भी कुंदन कृष्णन का दर्ज है। उन्होंने सवाल किया कि यदि जमीन बेची गई है तो दाखिल-खारिज और जमाबंदी का रिकॉर्ड अपडेट क्यों नहीं हुआ? साथ ही, शेष 2.69 डिसमिल जमीन का विवरण संपत्ति घोषणा में नहीं दिए जाने पर भी जांच की मांग की है।

ट्रांसपोर्ट नगर की 7 करोड़ की जमीन का नहीं किया गया उल्लेख?
सुधाकर सिंह ने पटना सिटी के ट्रांसपोर्ट नगर में खाता संख्या 77 और प्लॉट संख्या 1484 की करीब 14.0624 डिसमिल जमीन का भी जिक्र किया है। उनके मुताबिक, इस जमीन का सरकारी मूल्य लगभग 91.40 लाख रुपये, जबकि बाजार मूल्य करीब सात करोड़ रुपये है। सांसद का दावा है कि इस संपत्ति का उल्लेख वार्षिक संपत्ति विवरण में नहीं है। उन्होंने नालंदा के बिंद गांव में वर्ष 2018 में खरीदी गई 4.125 डिसमिल जमीन का भी जिक्र किया और पूछा कि इसका विवरण संपत्ति घोषणा में क्यों नहीं है।

कैमूर के भगवानपुर में 16 एकड़ से अधिक जमीन का दावा
सांसद ने कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड के मकरी खोह में भी कुंदन कृष्णन के नाम पर कई भूखंड होने का दावा किया है। उनके अनुसार, अलग-अलग खाता और प्लॉट संख्या में आवासीय और कृषि भूमि दर्ज है। इन सभी भूखंडों को मिलाकर करीब 16 एकड़ 88 डिसमिल जमीन होने और उसका बाजार मूल्य दो करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा किया गया है। उन्होंने इन जमीनों के स्वामित्व, खरीद की तारीख और भुगतान के स्रोत की जांच कराने की मांग की है।

भारती इंफ्राटेल को जमीन लीज पर देने का मामला भी उठाया
सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि पटना के मालसलामी स्थित सिमली मुरारपुर में डॉ. मल्लिका सिंह के नाम पर मौजूद जमीन का करीब 94 डिसमिल हिस्सा भारती इंफ्राटेल लिमिटेड को लीज पर दिया गया है। उन्होंने सवाल किया कि कंपनी के साथ लीज की शर्तें क्या हैं, इसके बदले कितनी राशि मिली और क्या इस आय का उल्लेख आयकर रिटर्न तथा संपत्ति विवरण में किया गया है? इसके अलावा सांसद ने कुंदन कृष्णन और उनकी पत्नी के पास करीब चार-चार करोड़ रुपये के नकद, सोना, हीरा और कीमती रत्न होने का दावा करते हुए इनके अधिग्रहण और धन के स्रोत की जांच की मांग की है।

भूमि सीलिंग कानून के पालन की भी जांच कराने की मांग
राजद सांसद ने बिहार भूमि सुधार एवं अधिकतम सीमा निर्धारण कानून का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी और उनके परिवार के नाम पर कुल कितनी कृषि भूमि है, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी पता लगाने की मांग की कि कहीं अलग-अलग परिजनों के नाम पर जमीन खरीदकर किसी एक व्यक्ति के हित में संपत्ति तो अर्जित नहीं की गई है।

'पांच करोड़ के नोटिस से डरने वाला नहीं'
सुधाकर सिंह ने सरकार और जांच एजेंसियों से मांग की है कि कुंदन कृष्णन, उनकी पत्नी और परिजनों के नाम पर मौजूद सभी चल-अचल संपत्तियों का स्वतंत्र मूल्यांकन कराया जाए। जमीन की रजिस्ट्री, जमाबंदी, दाखिल-खारिज, भुगतान के स्रोत और आयकर रिकॉर्ड का मिलान किया जाए। साथ ही संबंधित व्यक्तियों के साथ वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल हो।

सांसद ने कहा कि पांच करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस उन्हें डरा नहीं सकता। जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता के सवाल उठाना उनका संवैधानिक और लोकतांत्रिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि संपत्ति के सभी दस्तावेज सही हैं और खरीद के स्रोत पारदर्शी हैं तो स्वतंत्र जांच से पीछे हटने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारी से आरोपों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर देने की मांग की है।
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