कई गांवों के ग्रामीणों ने किया मतदान का बहिष्कार
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कैमूर की रामगढ़ विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के दौरान दुर्गावती प्रखंड के कई गांवों ने बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी के विरोध में मतदान का बहिष्कार कर दिया। दूघरा और खडसरा गांव के लोगों ने बुधवार को अपने बूथों पर मतदान का बहिष्कार किया, जिससे प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच हलचल मच गई है।
दूघरा गांव के ग्रामीणों ने बूथ संख्या 108 पर ‘पुल नहीं तो वोट नहीं’ का नारा लगाते हुए मतदान नहीं किया। उनका कहना है कि 2017 से ही गांव में पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता उनके दरवाजे तक आते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उनकी समस्याएं कोई नहीं सुनता। नदी के दूसरी ओर स्थित स्कूल और अस्पताल तक पहुंचने में भारी दिक्कतें आती हैं। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है। इसके अलावा बीमार पड़ने पर मरीजों को 15 किलोमीटर घूमकर दुर्गावती अस्पताल जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक पुल निर्माण का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे वोट नहीं देंगे।

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खडसरा गांव के लोगों ने भी बूथ संख्या 57 और 58 पर मतदान का बहिष्कार किया। यहां अंडरपास या ओवरब्रिज की मांग को लेकर ग्रामीणों ने वोट न देने का निर्णय लिया है। दिनेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि गांव में रेलवे लाइन के कारण रोजाना कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। पांच रेलवे लाइनें पार कर ही मतदान केंद्र तक पहुंचा जा सकता है, जो दुर्घटनाओं की संभावना को बढ़ाता है। पिछले कई वर्षों में कई छात्र और ग्रामीण रेलवे लाइन पार करते समय हादसे का शिकार हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने उनकी इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है।
बूथ संख्या 57 के पीठासीन पदाधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि सुबह से कोई भी वोट डालने नहीं आया है। ग्रामीणों ने रेलवे अंडरपास की मांग पूरी नहीं होने पर चुनाव का बहिष्कार किया है। इस घटनाक्रम से उपचुनाव में प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। साथ ही इन क्षेत्रों में विकास कार्यों के प्रति सरकार की गंभीरता पर भी सवाल उठ रहे हैं।