बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड व भाजपा के बीच इन दिनों सियासी घमासान मचा हुआ है। इसकी मूल वजह लेखक दया प्रकाश सिन्हा को दी गई पद्मश्री वापस लेने की जदयू की मांग है। बीते कई दिनों से जदयू नेता सिन्हा को दिया गया सम्मान वापस लेने की मांग को लेकर मुहिम छेड़े हुए हैं। पार्टी चाहती है कि पीएम मोदी यह सम्मान वापस लेने की पहल करें। सिन्हा ने सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से की है। इसे लेकर जदयू खफा है।
उधर, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने जदयू को चेताया है कि वह गठबंधन धर्म का पालन करे और पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ट्विटर-ट्विटर खेलना बंद करे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि कहीं नीतीश की कुर्सी न चली जाए। जायसवाल ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री के साथ जेडीयू के नेता ट्विटर- ट्विटर खेलेंगे तो बिहार के 76 लाख भाजपा कार्यकर्ता इसका जवाब देना जानते हैं।
पहले सिन्हा को गिरफ्तार करें
जायसवाल ने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा दिए गए पद्मश्री सम्मान को प्रधानमंत्री द्वारा वापस लिए जाने की मांग करना पूरी तरीके से बकवास है। उन्होंने कहा कि हमने दया प्रकाश सिन्हा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई हुई है। बिहार सरकार को चाहिए कि इस एफआईआर के दम पर सिन्हा को गिरफ्तार करे और फास्ट ट्रैक कोर्ट में तुरंत सजा दिलवाए। इसके बाद चाहे तो बिहार सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलकर सजायाफ्ता मुजरिम (दया प्रकाश सिन्हा) से पद्मश्री वापस लेने की मांग कर सकता है।