राजधानी पटना में बढ़ती मोबाइल और चेन स्नैचिंग की घटनाओं के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सचिवालय थाना पुलिस ने मोबाइल छिनैती करने वाले चार शातिर स्नैचरों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए स्नैचरों में एक आरोपी गवर्नर के ओएसडी (विशेष कार्याधिकारी) के ड्राइवर का बेटा है। ये सभी आरोपी राजभवन के सरकारी क्वार्टर में रहते हैं।
27 मोबाइल और दो बाइक बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 27 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनमें एक एप्पल का महंगा फोन और 26 एंड्रॉइड फोन शामिल हैं। इसके अलावा, स्नैचिंग में इस्तेमाल होने वाली दो महंगी बाइक भी जब्त की गई हैं। सचिवालय एसडीपीओ-1 डॉ. अनु कुमारी ने बताया कि राजधानी में मोबाइल और चेन स्नैचिंग की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। इसे रोकने के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान पुलिस को यह सफलता मिली।
मोबाइल बेचने के लिए बना रखा था नेटवर्क
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे चोरी किए गए मोबाइल फोन को पटना के बाकरगंज इलाके में एक दुकानदार को बेचते थे। ये मोबाइल 1000 से 2000 रुपये की कीमत पर बाजार में बेचे जाते थे। पुलिस अब इस मोबाइल दुकानदार की तलाश में छापामारी कर रही है, लेकिन फिलहाल वह फरार है।
गवर्नर के ओएसडी के ड्राइवर का बेटा शामिल
जांच के दौरान पता चला कि गिरफ्तार स्नैचरों में से एक गवर्नर के ओएसडी के ड्राइवर का बेटा है। यह जानकारी मिलने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। आरोपियों के राजभवन के सरकारी क्वार्टर में रहने के चलते इस घटना ने प्रशासन को भी झकझोर दिया है।
स्नैचिंग में इस्तेमाल होती थीं महंगी बाइक
आरोपियों ने कबूल किया कि वे महंगी बाइकों का इस्तेमाल कर स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम देते थे। इनकी तेज रफ्तार और चकमा देने की क्षमता पुलिस को इन तक पहुंचने से रोकती थी। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जब्त किए गए मोबाइल फोन और बाइक की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी किए गए मोबाइल फोन कहां-कहां बेचे गए और उनके खरीदार कौन हैं। एसडीपीओ अनु कुमारी ने कहा कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। साथ ही फरार मोबाइल दुकानदार को गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीम बनाई गई है।
इलाके में हड़कंप
इस घटना के बाद से राजभवन क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की अपील की है। यह मामला न केवल अपराधियों की हिम्मत को उजागर करता है, बल्कि सरकारी क्वार्टरों में रहने वालों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।