बिहार विधान सभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति में अतिथि को देवता समान माना गया है। बिहार इसी परंपरा के अनुरूप अखिल भारतीय पीठासीन पदाधिकारियों और सचिवों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह बात 19 से 21 जनवरी, 2025 तक पटना में आयोजित होने वाले पीठासीन पदाधिकारियों के 85वें सम्मेलन और सचिवों के 61वें सम्मेलन के मद्देनजर विधान सभा परिसर में तैयारियों का निरीक्षण करते हुए कही।
बिहार की मेजबानी पर जोर
सभा सचिवालय के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि अतिथियों के स्वागत और आवभगत में बिहार की पारंपरिक मेहमाननवाजी की झलक होगी। नंद किशोर यादव ने कहा कि बिहार आने वाले सभी अतिथि बिहार की संस्कृति और विकास का अनुभव करेंगे।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख अधिकारियों की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान बिहार विधान सभा की प्रभारी सचिव ख्याति सिंह और सभा सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी को निर्देश दिए गए कि तैयारी के दौरान प्रत्येक पहलू का ध्यान रखा जाए।