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Bihar: बाल विवाह का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 32 साल के युवक से शादी के बाद मां-बाप और ससुराल पक्ष पर केस

Wed, 23 Jul 2025 08:21 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Patna Child Marriage Case: पीड़ित लड़की ने अपनी याचिका में बताया कि नौ दिसंबर 2024 को उसकी शादी जबरन कराई गई थी। शादी के बाद से ही उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। वह पढ़ाई करना चाहती है और अपने जीवन को अपने तरीके से जीना चाहती है।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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राजधानी पटना से सटे नौबतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की की जबरन कराई गई शादी अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन चुकी है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक पहुंच चुका है, जहां लड़की ने अपनी शादी को रद्द करने की अपील कर कहा है कि उसकी उम्र मात्र 16 वर्ष है और उसकी जबरन शादी एक 32 वर्षीय युवक से कर दी गई।

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इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और बिहार पुलिस को नोटिस जारी किया है। साथ ही लड़की और उसके साथ मौजूद युवक को सुरक्षा देने का निर्देश भी दिया है। कोर्ट के निर्देश के बाद फुलवारी शरीफ डीएसपी 2 दीपक कुमार ने बताया कि नौबतपुर थाना के पिपलावा गांव में नाबालिग की शादी को लेकर बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत लड़की और लड़के के माता-पिता तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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‘बीमारी के कारण शादी का लिया गया फैसला’
नाबालिग लड़की के माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी बीमार थी, इसलिए उन्होंने उसकी शादी 16 वर्ष की उम्र में कर दी। लेकिन अब जब मामला सामने आया है और कोर्ट में लड़की ने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई है, तो उन्हें भी पुलिस जांच का सामना करना पड़ रहा है।
 
प्रताड़ना का आरोप, ससुराल नहीं लौटना चाहती लड़की
लड़की ने अपनी याचिका में बताया कि नौ दिसंबर 2024 को उसकी शादी जबरन कराई गई थी। शादी के बाद से ही उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। वह पढ़ाई करना चाहती है और अपने जीवन को अपने तरीके से जीना चाहती है।
 
अपने बयान में लड़की ने यह भी कहा कि वह अब ससुराल नहीं लौटना चाहती, क्योंकि वहां के हालात उसे प्रताड़ित करने वाले हैं। लड़की के मुताबिक, वह 31 मार्च को अपने दोस्त सौरभ के साथ घर से भाग निकली, जिसने उसकी बहुत मदद की। लड़की का कहना है कि सौरभ ने उसे किसी भी तरह से बहकाया नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में साथ खड़ा रहा।
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अपहरण का मामला झूठा बताया, कोर्ट से मांगी सुरक्षा
लड़की की मां द्वारा पटना के एक थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था, जिसे लड़की ने झूठा और दबाव में दर्ज कराया गया बताया। उसने कोर्ट में कहा कि परिवार उसे जबरन वापस ससुराल भेजना चाहता है और यह अपहरण का मामला उसी दबाव का हिस्सा है।

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