मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब से राज्यसभा जाने का एलान किया है तब से एक सवाल सबसे अधिक पूछा जा रहा है? वह बिहार के मुख्यमंत्री से जुड़ा। लोग कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री? इस सवाल पर खूब चर्चा कर रहे हैं। हर गली, नुक्कड़, चौक-चौराहे, गांव से लेकर शहर तक यह सवाल चर्चा में है। लोग अपने अपने हिसाब से कुछ चेहरे को मुख्यमंत्री बता रहे हैं। कुछ जाति के चश्मे से तो कुछ सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के आधार पर अपनी बात रख रहे हैं। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय, भाजपा विधायक संजीव चौरसिया समेत कुछ अन्य दिग्गजों की तस्वीर साझा करते हुए लोग उन्हें मुख्यमंत्री बनने की अग्रिम बधाई दे रहे। 'अमर उजाला' की पड़ताल में कुछ ऐसे चेहरों सामने आए हैं, जो खूब सूर्खियां बटोर रहे हैं। आइए जानते हैं...
सबसे पहले किस नाम की चर्चा?
सियासी गलियारे से लेकर गांव के मचान तक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की चर्चा सबसे अधिक हो रही है। कुछ जगह तो यह चर्चा हो रही है कि सम्राट चौधरी को गृह मंत्री अमित शाह खूब पसंद करते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान मुंगेर की एक रैली में अमित शाह ने जनता से सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाने की बात कही थी। दूसरे दलों से होकर भाजपा में आए सम्राट चौधरी बिहार प्रदेश अध्यक्ष रहे तो सामने नीतीश कुमार तब महागठबंधन के मुख्यमंत्री थे। बाद में नीतीश वापस एनडीए में आए और सम्राट चौधरी उनके ही डिप्टी सीएम बन गए। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सम्राट चौधरी भाजपा की कमान संभाले दिखे। सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं, जो जदयू के सामने भाजपा को मजबूत करने में काम आएगा- यह कहा गया था। भाजपा ने चुनावों में उसका असर देखा है। इधर, सम्राट चौधरी रविवार को गृह मंत्री अमित शाह मुलाकात करने भी जा रहे हैं। वह पहले बागडोगरा जाएंगे। यहां से गृह मंत्री के साथ कोलाकाता जाएंगे।
दूसर नंबर पर कौन हैं?
दूसरे नंबर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके नित्यानंद राय नाम चल रही है। गांव से लेकर शहर तक लोग इनके नाम भी चर्चा भी कर रहे हैं। वह यादव समाज से आते हैं। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हैं। बिहार चुनाव 2020 के समय इनका नाम तेजी से और लंबे समय तक चला था। बिहार की जातीय जनगणना में सर्वाधिक संख्या हिंदुओं के अंदर यादव जाति की दिखी थी। बिहार की राजनीति में एनडीए के सामने खड़ी होने वाली सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल का कोर वोटर यादव ही है। लालू प्रसाद यादव को कमजोर करने के लिए रामकृपाल यादव को भाजपा ने इसलिए ही बुलाया था। ऐसे में नित्यानंद राय भाजपा के लिए सीएम के मजबूत दावेदार बताए जाते रहे हैं।
तीसरे नंबर पर कौन हैं
तीसरे नंबर पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के नाम की चर्चा हो रही है। विधानसभा चुनाव के बाद जब उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कमान सौंपी गई तो वह सुर्खियों में रहे। अपने सख्त और जीरो टॉलरेंस की नीति से उन्होंने जनता का ध्यान अपनी ओर खींचा। भ्रष्टाचार के खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोला। जमीन से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई। वह भूमिहार जाति से आते हैं। बिहार में यह जाति 2.87% प्रतिशत है। बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह इसी जाति से थे। भूमिहार जाति के लोग इन्हें मुख्यमंत्री मान रहे हैं। उनका कहना है कि विजय सिन्हा बिहार के मुख्यमंत्री के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है। वह ईमानदार छवि वाले हैं।
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चौथे नंबर पर इनकी चर्चा
सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारे में हो रही चर्चा में दीघा विधानसभा से भाजपा विधायक संजीव चौरसिया का नाम भी है। वह तीन बार के विधायक हैं। सिक्किम और मेघालय के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद चौररिया के बेटे हैं। अति पिछड़ा समाज से आते हैं। भाजपा हाल के दिनों में अति पिछड़ा पर काफी फोकस रख रही है। इसलिए इनके नाम भी चर्चा खूब हो रही है।
पांचवें नंबर पर इनके नाम की चर्चा
पांचवे नंबर पर भाजपा से सांसद और नीतीश सरकार में मंत्री रहे जनक राम की पकड़ संगठन में काफी अधिक है। वह भाजपा के प्रमुख दलित चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं। दिग्गज नेता रमई राम के जाने के बाद एक बड़े दलित चेहरा की कमी को यह पूरा कर सकते हैं। पार्टी लाइन पर चलते हैं। इसलिए इनके नाम की चर्चा भी काफी हो रही है।
छठे नंबर पर इनकी चर्चा खूब हो रही
वैश्य समाज के कलवार जाति से आने वाले दिलीप जायसवाल के नाम भी चर्चा भी इस लिस्ट में है। गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर आए थे तो इन ही मेडिकल कॉलेज वाले कैंपस में रुके थे। उस बीच दोनों नेताओं के बीच काफी बातचीत भी हुई थी। दिलीप जायसवाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में मंत्री हैं। कोसी और सीमांचल के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।
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महिला चेहरा में कौन सा नाम?
बिहार में भाजपा खुद को नीतीश कुमार की तरह महिलाओं को आगे रखने वाली दिखाती रही है। चर्चा दो बार उठी है कि अगर महिला चेहरे को आगे बढ़ाना हो तो श्रेयसी सिंह का नाम दिख सकता है। श्रेयसी सिंह एक जमाने के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री रहे दिग्विजय सिंह की बेटी हैं। उनकी मां पुतुल कुमारी भी सांसद रही हैं। श्रेयसी राजपूत बिरादरी से हैं। खेल विभाग संभालते हुए वह लगातार सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री के मंचों पर वह दिखती रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद भी उनका उत्सावर्द्धन किया था। हालांकि, बिहार में भाजपा ने एक बार रेणु देवी को उप मुख्यमंत्री बनाया। वह प्रयोग बहुत सफल नहीं रहा।
निशांत कुमार के नाम पर क्या बात हो रही?
नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार को राजनीति में इस तरह नहीं लाना चाह रहे थे, लेकिन जिस तरह से उन्हें प्रेशर पॉलिटिक्स के तहत राज्यसभा भेजा गया है तो जदयू के अंदर के उबाल में यह नाम तेजी से उछला है। निशांत कुमार राजनीति में अभी नए-नए हैं। वह जदयू के लव-कुश समीकरण को देखते हुए आरसीपी सिंह की वापसी चाहते हैं। अगर आरसीपी आ गए तो निशांत के लिए यह रास्ता ज्यादा आसान होगा। आरसीपी बीच में भाजपा के साथ चले गए थे, लेकिन अब भी जदयू के अंदर सवर्ण-विरोधी समूह में उनका नाम सबसे ज्यादा लिया जा रहा है। निशांत को सीएम बनाने की जिद जदयू ठान सकता है, हालांकि भाजपा के प्लान में वह डिप्टी सीएम की जगह ले सकते हैं। इधर, कुर्मी समाज में कुछ लोग निशांत कुमार के नाम की चर्चा मुख्यमंत्री पद को लेकर भी कर रहे हैं। वह उन्हें नीतीश कुमार का उत्तराधिकारी तो बता ही रहे हैं। साथ ही यह भी कह रहे हैं कि निशांत ही हैं तो जदयू और बिहार की कमान बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं।
संभव है कि भाजपा नया दांव भी खेल ले, क्योंकि...
नितिन नवीन को जब भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया था, तब यह कहा गया कि उन्हें दिल्ली में रखकर कुछ समय तक तैयार किया जाएगा और फिर बिहार का सीएम बनाया जाएगा। अचानक मुख्यमंत्री बदलने की बात आने से पहले ही इस चर्चा पर विराम लग गया, क्योंकि नितिन को विधानसभा से इस्तीफा दिलाने की तैयारी के तहत राज्यसभा के लिए उनका नाम जारी कर दिया गया। अब भाजपा फिर कुछ नया दांव भी खेल ले तो अजूबा नहीं होगा। बिहार चुनाव हो चुका है। चुनाव अब लगभग पांच साल बाद होना है। ऐसे में प्रयोग के लिए किसी नए चेहरे को सीएम बनाने पर भी कोई अंतर नहीं पड़ना है। भाजपा ऐसा करती रही है, इसलिए खुलकर प्रदेश के नेता कुछ नहीं बोल रहे हैं। यही कारण है कि संजीव चौरसिया का भी नाम उछल रहा है।