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नीट पेपर लीक केस: संजीव मुखिया को मिली कोर्ट से राहत, अभी बेऊर जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे; जानें वजह

Tue, 01 Sep 2026 03:46 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र लीक मामले में संजीव मुखिया को पटना की विशेष अदालत से राहत मिली है। अदालत ने आवश्यक जमानत बंधपत्र जमा करने की शर्त पर उन्हें इस मामले में न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया है। हालांकि, दूसरे मामले में जेल में होने के कारण उनकी तत्काल पूरी रिहाई नहीं होगी।
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संजीव मुखिया - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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साल 2024 के बहुचर्चित नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में संजीव मुखिया को पटना स्थित केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की विशेष अदालत से राहत मिली है। अदालत ने उन्हें इस मामले में न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया है। हालांकि, आर्थिक अपराध इकाई द्वारा दर्ज एक अन्य मामले में वह फिलहाल जेल में ही रहेंगे।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश हुए संजीव मुखिया
सोमवार शाम हुई सुनवाई के दौरान संजीव मुखिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश हुए। सुनवाई में अदालत ने मामले की जांच की स्थिति और उनके खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई पर विचार किया। इसके बाद आवश्यक जमानत बंधपत्र जमा करने की शर्त पर उन्हें इस मामले में न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया गया।

मई 2025 से बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में बंद थे
बताया गया है कि संजीव मुखिया मई 2025 से बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में बंद थे। नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में उनका नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने उनकी भूमिका की पड़ताल शुरू की थी। आर्थिक अपराध इकाई ने उनसे रिमांड पर कई दिनों तक पूछताछ की थी। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी थी। पटना के शास्त्री नगर थाने में वर्ष 2024 में नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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भूमिका को लेकर कानूनी कार्रवाई हो सकती है
बिहार पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई की प्रारंभिक जांच के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने 23 जून 2024 को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच अपने हाथ में लेने के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने संजीव मुखिया से भी पूछताछ की। एजेंसी ने प्रश्नपत्र लीक करने तथा उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क में उनकी संभावित भूमिका की जांच की। उनसे पूछताछ और रिमांड की कार्रवाई के बाद यह माना जा रहा था कि मामले में उनकी भूमिका को लेकर आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

प्रश्नपत्र लीक करने में प्रत्यक्ष भूमिका से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य सामने नहीं आए
हालांकि, जांच के दौरान संजीव मुखिया के खिलाफ प्रश्नपत्र लीक करने में प्रत्यक्ष भूमिका से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य सामने नहीं आए। इसी आधार पर मामले में उनके खिलाफ आरोपपत्र की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। विशेष अदालत ने मामले की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उन्हें इस मामले में न्यायिक हिरासत से राहत प्रदान की। नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। एजेंसी ने 45 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने से लेकर कथित तौर पर अभ्यर्थियों तक उसके पहुंचने और वितरण की पूरी कड़ी की पड़ताल की गई।

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नीट-यूजी 2024 परीक्षा को लेकर प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद देशभर में विवाद खड़ा हुआ था। बिहार में सामने आए मामले की प्रारंभिक जांच आर्थिक अपराध इकाई ने की थी। बाद में केंद्र सरकार ने जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी थी। अदालत के ताजा आदेश से संजीव मुखिया को नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में न्यायिक हिरासत से राहत मिल गई है। हालांकि, आर्थिक अपराध इकाई के अलग मामले में जेल में रहने के कारण उनकी तत्काल पूरी रिहाई नहीं होगी।
 
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