नीट पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी संजीव मुखिया
- फोटो : Amar Ujala
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया उर्फ लूटन मुखिया से आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है। अदालत से अनुमति मिलने के बाद EOU ने उसे पटना की आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर से पुलिस रिमांड पर लिया है। ईओयू को उम्मीद है कि संजीव मुखिया से पूछताछ के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक से जुड़े कई और बड़े राज फाश हो सकते हैं।
2017 के केस में भी कसा शिकंजा
मामला पटना के पत्रकारनगर थाना कांड संख्या-224/17 (दिनांक 07.05.2017) से जुड़ा है, जो धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। तत्कालीन जांच के दौरान पटना पुलिस ने नीट (NEET) परीक्षा में धोखाधड़ी की तैयारी कर रहे गिरोह के सदस्यों के साथ संजीव मुखिया के बेटे डॉ. शिव कुमार और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए 19 जून 2025 को EOU ने इस केस को अपने हाथ में ले लिया था। जांच के दौरान EOU अब तक इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
कई अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक का भी है आरोपी
नालंदा के नगरनौसा का रहने वाला संजीव मुखियाकई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक करने और वित्तीय धोखाधड़ी का मुख्य सूत्रधार रहा है। आर्थिक अपराध इकाई ने पहले उसे आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-06/2024 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिसके बाद अब इस पुराने मामले (पत्रकारनगर थाना कांड) में भी कोर्ट से रिमांड पर लिया गया है।
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नेटवर्क के सफाए के लिए आर्थिक अपराध इकाई प्रतिबद्ध
आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र अनुचित तरीके से लीक कराने और इससे अवैध आर्थिक लाभ कमाने वाले गिरोहों और माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल रिमांड के दौरान मिली जानकारियों के आधार पर गिरोह में शामिल अन्य मददगारों और संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है।