मामले की जांच में जुटी पुलिस
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दोस्तों का फोन कॉल बना आखिरी बुलावा
मंजू देवी के अनुसार, जब वह बेटे को मोबाइल को लेकर डांट रही थीं, तभी दोस्तों का फोन आया और दीपू को बाहर बुला लिया गया। इसके कुछ समय बाद आसपास के लोगों ने देखा कि दीपू घर के बाहर अचेत अवस्था में पड़ा है। जब परिजनों को सूचना मिली तो उन्होंने आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शव पहुंचते ही भड़का गुस्सा, सड़क जाम कर जताया विरोध
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और फिर परिजनों को सौंप दिया। जैसे ही शव घर पहुंचा, परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने रामचंद्रपुर के पास टायर जलाकर सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।