नदी से बालू का अवैध उत्खनन कर रहे लोग
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नालंदा जिले में बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब खुलेआम सैकड़ों की संख्या में नदी में उतरकर अवैध रूप से बालू उत्खनन कर रहे हैं। मानपुर थाना क्षेत्र के देकुली पुल के पास जिराइन नदी में आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टरों के साथ भारी संख्या में लोग बालू निकालते दिखे। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि बालू माफिया किस तरह बिना किसी डर के अवैध उत्खनन कर रहे हैं।
अवैध उत्खनन से पुल को भी हो सकता है नुकसान
बालू माफियाओं की यह हरकत सिर्फ नदी और पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि देकुली पुल के लिए भी खतरा बन सकती है। पुल के आसपास अवैध उत्खनन होने से इसकी नींव कमजोर पड़ सकती है, जिससे भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में अवैध खनन किया गया हो, बल्कि यह लंबे समय से जारी है। लेकिन इस बार इतने बड़े पैमाने पर बालू निकालने का वीडियो सामने आने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस की गैरमौजूदगी का उठाया फायदा
वीडियो के वायरल होने के बाद मानपुर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने कहा कि घटना के वक्त पुलिस क्षेत्र में एक संदिग्ध मौत के मामले में जांच के लिए सदर अस्पताल में थी। इसी का फायदा उठाकर बालू माफियाओं ने बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर लिया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर अवैध खनन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बालू माफियाओं पर पहले भी हुई है कार्रवाई
बालू माफियाओं के खिलाफ प्रशासन पहले भी कार्रवाई कर चुका है। पिछले सप्ताह ही 10 लाख रुपये का जुर्माना अवैध खनन करने वालों पर लगाया गया था। लेकिन इसके बावजूद इस अवैध धंधे पर लगाम नहीं लग पाई है। इस मामले में पुलिस और खनन विभाग को और कड़े कदम उठाने की जरूरत है ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द इस पर रोक नहीं लगाई, तो आने वाले समय में पुल के अस्तित्व पर खतरा मंडरा सकता है। साथ ही पर्यावरण को भी भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। लोग सरकार से इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।