पुलिस ने किया फर्जी लूट का खुलासा
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नालंदा जिले के एकंगरसराय थाना क्षेत्र में सोमवार को कथित 5.97 लाख रुपये की लूट के मामले ने मंगलवार को नया मोड़ ले लिया, जब पुलिस ने इस घटना को फर्जी करार दिया। जांच में खुलासा हुआ कि यह लूट की नहीं, बल्कि एक कैशियर द्वारा ऑनलाइन गेमिंग में हारे पैसे छिपाने के लिए रची गई साजिश थी।
कैसे हुआ फर्जी लूट का खुलासा?
स्पंदना स्मृति फाइनेंशियल लिमिटेड के 23 वर्षीय कैशियर रोशन कुमार ने पुलिस को बताया था कि जब वह एसबीआई एकंगरसराय में 5.97 लाख रुपये जमा करने जा रहे थे, तभी तीन अज्ञात बाइक सवारों ने उनका बैग छीन लिया। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और कैशियर के बयान की गहनता से जांच की। जल्द ही पुलिस को रोशन कुमार की कहानी में कई विसंगतियां नजर आईं।
कैशियर का कबूलनामा
गहन पूछताछ के बाद रोशन कुमार ने स्वीकार किया कि यह लूट का मामला नहीं था। उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग में बड़ी रकम गंवा दी थी और उसे छिपाने के लिए लूट की झूठी कहानी गढ़ी। पुलिस ने रोशन के पास से 5,37,060 रुपये बरामद कर लिए हैं। रोशन कुमार औरंगाबाद जिले के गोह थाना क्षेत्र के दधपी गांव का निवासी है और एकंगरसराय स्थित फाइनेंशियल लिमिटेड शाखा में कार्यरत था।
ऑनलाइन गेमिंग की लत बनी अपराध का कारण
एकंगरसराय थाना प्रभारी अखिलेश कुमार झा ने बताया कि रोशन कुमार ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण भारी वित्तीय नुकसान झेल रहा था। मानसिक दबाव में आकर उसने इस साजिश को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि यह घटना बताती है कि कैसे ऑनलाइन गेमिंग की लत युवाओं को गलत रास्ते पर ले जा रही है। कैशियर को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मामले को सुलझाने में पुलिस की भूमिका
इस मामले की जांच में हिलसा डीएसपी-2 गोपाल कृष्ण, श्रीकांत कुमार, और आलोक कुमार सहित कई पुलिस अधिकारियों की टीम शामिल थी। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय खुफिया तंत्र का उपयोग करते हुए इस साजिश का पर्दाफाश किया।