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बिहार: सोमवार से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र, हंगामेदार रहने की संभावना

सार

इस सत्र के हंगामेदार होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि विपक्षी दलों ने ईंधन, रसोई गैस, उर्वरक और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों जैसे मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है।
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बिहार विधानसभा - फोटो : vidhansabha.bih.nic.in
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विस्तार
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बिहार विधानसभा का मानसून सत्र कल यानी सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र के हंगामेदार होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि विपक्षी दलों ने ईंधन, रसोई गैस, उर्वरक और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों जैसे मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है। वहीं विधानसभा द्वारा पिछले बजट सत्र में पारित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक, 2021 को लेकर भी इस सत्र में एक बार फिर राज्य सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी हो सकती है।

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बता दें कि इस साल 23 मार्च को उस समय विधानसभा में अराजकता फैल गई जब विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा को उनकी कुर्सी लेने से रोकने की कोशिश करने वाले अनियंत्रित विपक्षी सदस्यों को बाहर निकालने में मार्शलों की सहायता के लिए पुलिस को विधानसभा के अंदर बुलाया गया। इस विवाद की जड़ विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021 था, जिसे नीतीश सरकार ने राज्य की तेजी से जटिल सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए अपनी पुलिस को और अधिक मजबूती देने के लिए पेश किया था।

बिना टीका लगवाए विधानसभा के मानसून सत्र में हिस्सा नहीं ले सकेंगे विधायक
वहीं बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने साफ कर दिया है कि कोविड का टीका नहीं लगवाने वाले विधायकों को मानसून सत्र में सदन की कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। राज्य में विधानसभा का सत्र 26 जुलाई से शुरू हो रहा है और 30 जुलाई तक चलेगा। विधानसभा अध्यक्ष ने मीडिया को बताया, ऐसे विधायकों को मानसून सत्र में सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी जिन्होंने कोविड-19 का टीका नहीं लगवाया है। सदन में आने वाले सभी विधायकों के लिए टीकाकरण आवश्यक है।
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हालांकि, उन्होंने कहा कि मेडिकल आधार पर कुछ सदस्यों को छूट दी जा सकती है। ऐसे विधायक जो कोरोना वायरस से संक्रमित होने के साथ स्वस्थ हो चुके हैं और जिन्हे उनके डॉक्टरों ने कुछ समय बाद टीका लगवाने की सलाह दी है, उन्हें प्रवेश की अनुमति होगी। अध्यक्ष ने कहा, उनके अलावा मेडिकल कारणों से टीका नहीं लगवाने वालों को भी सत्र में शामिल होने दिया जाएगा।

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