सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर चल रही अटकलों के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्वीकार कर लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर सवाल उठाया था। अब इस मामले में बड़ा अपडेट आया है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से विधान परिषद् गए देवेश कुमार ने अपना इस्तीफा दे दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उनका इस्तीफा दे दिया। मार्च 2027 में देवेश कुमार का कार्यकाल पूरा होने वाला था। इससे पहले उनका इस्तीफा ले लिया गया। इससे यह साफ हो गया कि अब दीपक प्रकाश मंत्री बने रहेंगे। सूत्र बता रहे हैं कि देवेश कुमार की जगह अब दीपक प्रकाश को विधान परिषद् भेजा जाएगा।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से क्या पूछा था?
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिहार सरकार से पूछा कि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश किस संवैधानिक आधार पर छह महीने से अधिक समय तक विधायक या विधान परिषद सदस्य बने बिना मंत्री पद पर बने हुए हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना होगा। यह मामला अब अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। बिहार सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामला पहले से 27 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाने या पहले सुनने का फैसला अदालत के विवेक पर छोड़ दिया गया।
कौन हैं देवेश कुमार, जानिए सबकुछ
30 अगस्त 1964 को समस्तीपुर जिले के पूसा प्रखंड के मोहम्मदपुर देवपाट गांव में जन्मे देवेश कुमार स्वतंत्रता सेनानी और किसान नेता पंडित यमुना कारजी के पोते हैं। एक वक्त में भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के काफी करीबी माने जाते थे। देवेश कुमार जब जेएनयू में पढ़ते थे, तब से ही एबीवीपी से से जुड़े हुए थे। कॉलेज के बाद उन्होंने पत्रकारिता शुरू की। कई बड़े अखबारों में एडिटर रहे। जब उन्होंने भाजपा जॉइन की तो इन्हें तुरंत ही प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी दे दी गई थी। अगले ही बार इन्हें उपाध्यक्ष बना दिया गया। प्रदेश मुख्यालय का प्रभारी भी बना दिया गया। देवेश कुमार का कद भाजपा में काफी बढ़ गया। इसके बाद कई दफा इनके नाम राज्यसभा सांसद और एमएलसी के तौर पर आने लगे, लेकिन इन्हें सफलता तब मिली जब 17 मार्च 2021 राज्यपाल कोटे से 12 एमएलसी बनाए गए। इसमें एक देवेश कुमार भी शामिल थे। इस दौरान देवेश कुमार को प्रदेश महामंत्री की भी जिम्मेदारी की गई थी।