Bihar News : ईरान-इजरायल युद्ध और उसमें अमेरिकी दखल का प्रभाव भारत के राज्यों तक पहुंच रहा है। बिहार में घरेलू रसोई गैस पर संकट अभी गहरा नहीं दिख रहा है, लेकिन सोमवार की छुट्टी के बाद आज से कॉमर्शियल सिलेंडर बांटने पर रोक दिख रही है।
बिहार के चुनिंदा होटलों में ही अभी सिर्फ कॉमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल होता है, लेकिन खुली जगहों पर आयोजित समारोहों के दौरान इसी का उपयोग होता है। इन सभी जगहों पर आज से परेशानी शुरू हो गई है। सोमवार को बिहार में गैस वितरण लगभग बंद रहता है। मंगलवार को वितरण शुरू हुआ तो कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई। ईरान-इजरायल युद्ध और उसमें अमेरिकी दखल के कारण शुरू हुई वैश्विक परेशानी का असर अब बिहार पर दिखने लगा है। पहले ड्राई फ्रूट्स पर असर दिखना शुरू हुआ। अब रसोई गैस पर संकट की शुरुआत हो गई है।
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घरेलू उपभोक्ताओं के लिए परेशानी दूसरी
रसोई गैस पिछले करीब डेढ़ दशक से परेशानी का सबब नहीं रहा है। सिलेंडर के लिए कभी कतारें लगती थीं, अब वर्षों से ऐसा नहीं दिखा। लेकिन, संभव है कि वह स्थिति आ जाए। युद्ध का असर दिखना शुरू हो गया है। बगैर नंबर लगाए या ब्लैक में आसानी से सिलेंडर मिलना बंद हो गया है। नंबर लगाने वाले सिलेंडर का भी अगले दिन नंबर नहीं आ रहा है। सोमवार को वितरण नहीं होता है, लेकिन मंगलवार को भी ब्लैक या बगैर नंबर लगाए लोगों को रसोई गैस मिलने में परेशानी हुई। ऑन कॉल या ऑनलाइन नंबर लगाने वालों को भी गैस डिलीवरी का मैसेज आने में देर हो रही है।
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घरेलु उपभोक्ताओं को अभी परेशानी नहीं हो रही
अनिरूद्ध इंडेन एजेंसी के अनिल ओझा ने कहा कि घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को अभी परेशानी नहीं हो रही है। अफरातफरी कर गैस घर में जमा करने के लिए लोग सिलेंडर अचानक लेना चाह रहे हैं, उसके कारण दूसरों को परेशानी हो सकती है। वैसे, घरेलू उपभोक्ताओं को अभी कोई परेशानी नहीं है। जैसे स्टॉक आ रहा है, उसी हिसाब से उपभोक्ताओं को लगाए गए नंबर पर सप्लाई दी जा रही है।
सरकार इस परेशानी को गंभीरता से ले
पटना में होटल संचालकों ने कहा कि अब तक दिक्कत नहीं हुई। लेकिन, दो तीन दिनों के बाद काफी दिक्कत होने वाली है। सरकार से अपील है कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई को रोके नहीं। कुछ नियम बना दे। इससे काफी परेशानी होगी। लगभग सभी होटल और रेस्टोरेंट कॉमर्शियल सिलेंडर पर ही निर्भर हैं। इसीलिए सरकार इस परेशानी को गंभीरता से ले।