कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी और शिक्षा विभाग के अपर सचिव केके पाठक
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बिहार कांग्रेस ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक चिट्ठी लिखी है। उसमें सीएम नीतीश की खूब तारीफ की गई है। लेकिन फिर एक ऐसी मांग कर दी जो शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को नागवार गुजर सकती है। वजह, कांग्रेस ने उनके किए फैसले को बदलने की मांग कर दी है। खैर अब सीएम और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का इस चिट्ठी के प्रति रुख देखने वाला होगा।
‘कलश स्थापना करने वाले शिक्षकों को हो सकती है परेशानी’
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने चिट्ठी में लिखा कि नीतीश कुमार जी आपके नेतृत्व में बिहार में एक जनपक्षीय और विकास के प्रति समर्पित सरकार चल रही है। इसके लिए आपका आभार। हाल के दिनों में शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषणा हुई है। ये प्रशिक्षण आवासीय है और नवरात्र के दौरान आयोजित किया गया है। जाहिर है ऐसे में उन शिक्षकों को थोड़ी परेशानी हो सकती है जो कलश स्थापना करना चाहते होंगे। इनके लिए आप सहानुभूति पूर्वक विचार करेंगे ऐसा मुझे भरोसा है। ये प्रशिक्षण कार्यक्रम नवरात्र के बाद हो तो ज्यादा बेहतर।
‘राज्य सरकार को हिंदू विरोधी साबित करने की कोशिशें हो रहीं’
वहीं, असित नाथ तिवारी ने आगे लिखा, लेकिन इससे बड़ी समस्या वह अफवाह है जिसके जरिए समाज में राज्य सरकार को हिंदू विरोधी साबित करने की कोशिशें हो रही हैं। सुनियोजित तरीके से लोगों को ये बात बताई जा रही है कि बिहार सरकार ने नवरात्र के दौरान शिक्षकों की छुट्टी में कटौती कर दी है। जबकि छुट्टी में किसी तरह की कटौती हुई ही नहीं। पहले की तरह ही नवरात्र के दौरान तीन दिनों की छुट्टी शिक्षकों को मिल रही है। उसी के साथ रविवार जुड़ जाने से यह छुट्टी चार दिनों की हो रही है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में तो नवरात्र में मात्र दो दिनों की छुट्टी शिक्षकों को मिल रही है।
उन्होंने आगे लिखा कि ऐसे में ये आवश्यक है कि समाज में बार-बार सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की साजिश करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ताकि वे आगे से झूठ और अफवाह फैलाने की हिम्मत न कर सकें। आपके नेतृत्व में बिहार विकसित, सबल और सक्षम राज्य बनता रहे, ऐसी मेरी कामना है।