पटना जिले के मोकामा में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। टाल क्षेत्र का गोरियारी गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है, जिससे उसका सड़क संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है।
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से पटना जिले के मोकामा प्रखंड में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 10 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। प्रशासन ने आशंका जताई है कि जलस्तर जल्द ही खतरे के निशान को पार कर सकता है। गंगा के उफान के कारण टाल क्षेत्र का गोरियारी गांव पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। प्रखंड मुख्यालय से गांव का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से नाव की व्यवस्था की मांग की है ताकि संपर्क बहाल हो सके। घोसवरी सीओ अनुज कुमार ने गोरियारी गांव में एक नाव की व्यवस्था कर दी है और कररा गांव का भी दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। मोकामा सीओ मनीष कुमार ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। जंजीरा दियारा, कसहा दियारा समेत अन्य निचले इलाके अभी सुरक्षित हैं और वहां पलायन जैसी स्थिति नहीं बनी है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि गंगा के साथ-साथ बगदाही और धनायन नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।
त्रिमुहान पंचायत के गोरियारी गांव की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है, जहां गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर चुका है। संपर्क मार्ग और पगडंडी तक जलमग्न हो चुकी हैं। ग्रामीण बच्चू बिंद ने बताया कि पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है और प्रशासन से राहत की उम्मीद की जा रही है।