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Bihar News: धान अधिप्राप्ति के लक्ष्य में कटौती से किसानों की बढ़ी मुसीबत, पैक्स की मनमानी से किसान परेशान

Mon, 29 Dec 2025 05:58 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोजपुर

सार

Bihar News: रोहतास जिले में अब तक धान की खरीद मात्र 26% हुई है। किसानों से धान खरीदने में पैक्स अध्यक्ष जान बूझकर देरी कर रहे हैं और समय से भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
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धान के साथ किसान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धान का कटोरा कहे जाने वाले रोहतास जिले में सरकार द्वारा धान अधिप्राप्ति के लक्ष्य को कम किए जाने एवं पैक्सोंं द्वारा कम कीमत पर धान खरीदे जाने से जिले के किसानों में भारी नाराजगी है। जिले में धान की बंपर पैदावार होने के बावजूद अधिप्राप्ति के लक्ष्य में की गई भारी कटौती ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों का आरोप है कि धान की उपज मामले में रोहतास जिला पूरे प्रदेश में अव्वल है, लेकिन सरकार हर वर्ष धान खरीद का लक्ष्य घटाकर जिले के किसानों के साथ नाइंसाफी कर रही है।

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किसान कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर
किसान विद्यासागर राय का साफ कहना है कि सरकार हर वर्ष धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य घटाकर किसानों को लूट रही है। किसान अपनी उपज को पैक्स में देना चाहते हैं, लेकिन पैक्स अध्यक्ष किसानों से धान की खरीद नहीं कर रहे है। जिससे किसान अपनी उपज को कम कीमत पर व्यापारियों व बिचौलियों को बेचने के लिए बाध्य हैं। काफी परेशानी एवं मेहनत से किसान फसल उपजाते हैं, लेकिन अब उन्हें औने-पौने दाम पर फसल बेचना पड़ रहा है। वहीं एक अन्य किसान ने बताया कि सरकार ने पैक्स द्वारा धान खरीद के लिए 2369 रुपए का दर निर्धारित किया है, लेकिन सभी पैक्स कम कीमत पर धान की खरीद कर रहे हैं। जिससे प्रति क्विंटल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई केंद्रों पर तो पैक्स अध्यक्षों द्वारा किसानों को लौटाया जा रहा है या खरीद में जानबूझकर देरी की जा रही है।

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उपज अधिक, अधिप्राप्ति लक्ष्य कम
विभागीय जानकारी के अनुसार, इस वर्ष जिले में धान की उपज लगभग 13 लाख मिट्रिक टन आंकी गई है, लेकिन सरकार ने धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य घटाकर मात्र तीन लाख मिट्रिक टन कर दिया है। जिसके कारण किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। किसान कम कीमत पर व्यापारियों व बिचौलियों को अपनी फसल बेचने के लिए बाध्य हैं और पैक्स द्वारा भी धान की खरीद नहीं की जा रही है। बता दें कि पिछले वर्ष जिले में धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य चार लाख मिट्रिक टन था, लेकिन इस बार घटाकर तीन लाख मिट्रिक टन कर दिया गया है, जिससे किसानों के समक्ष संकट पैदा हो गया है।
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अब तक 26 प्रतिशत धान की हुई खरीद
धान अधिप्राप्ति को लेकर जिला सहकारिता पदाधिकारी नयन प्रकाश ने बताया कि अब तक जिले के 11 हजार किसानों से कुल 82 हजार मिट्रिक टन धान की खरीद हुई है, जो लक्ष्य का 26% है। धान अधिप्राप्ति के लक्ष्य को कम किए जाने के सवाल पर डीसीओ ने कहा कि राज्य के लक्ष्य को देखते हुए जिले का लक्ष्य आवंटित होता है। जिले का तीन लाख 14 हजार मिट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित है, जिसके तहत पैक्सवार धान की खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई पैक्स किसानों की उपज लेने में आना-कानी करते हैं, तो इसके समाधान के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है और शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जानकारी दी गई कि जिले के कुल 55 हजार किसानों द्वारा धान अधिप्राप्ति हेतु पंजीकरण कराया गया है और धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि 28 फरवरी है।

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