मतदाता सूची का प्रारूप।
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जानिए, मुख्य निर्वाचन आयोग ने क्या कहा
भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार के प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है। यह सूची SIR आदेश के पैरा 7(4) (पृष्ठ 3) के अनुसार प्रकाशित की जा रही है। मतदाता सूची ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी 38 जिलों में संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO) द्वारा मान्यता प्राप्त सभी राजनीतिक दलों को प्रारूप मतदाता सूची की डिजिटल और भौतिक प्रतियां प्रदान की जाएंगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), बिहार तथा राज्य के सभी 243 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) किसी भी मतदाता या मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल से एक सितंबर 2025 तक दावे और आपत्तियां आमंत्रित करेंगे। इस दौरान कोई भी पात्र मतदाता जो सूची में शामिल नहीं हो सका हो, अपना नाम जोड़ने, किसी अयोग्य नाम को हटाने या किसी प्रविष्टि में सुधार हेतु आवेदन कर सकता है।
विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद अब आज से ऐसे देख सकेंगे नाम
चुनाव आयोग ने 7.89 करोड़ मतदाताओं में से करीब 7.24 करोड़ वोटरों के पुनरीक्षण का दावा किया है और लगभग 65 लाख वोटरों का नाम तीन कारणों (मृत होने, एक जगह छोड़ बाकी वोटर लिस्ट में रहने या स्थायी तौर पर दूसरे राज्य चले जाने) से हटाया है। अब एक अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित होते ही मतदाता को दिखने लगेगा कि उनका नाम इन 65 लाख वोटरों के साथ तो शामिल नहीं हो गया है।