बिहार में कोरोना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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बिहार में सरकारी अस्पताल हो या प्राइवेट कहीं बेड नहीं हैं। श्मशान घाट पर नंबर लगा हुआ है। घंटों इंतजार के बाद शव जलाया जा रहा है। हर घंटे मौत हो रही है। लोग बेवस हैं। तीन दिनों में 64 कोरोना पॉजिटिव से होने वाली मौत का अंतिम संस्कार किया गया। बिहार में सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 20,149 तक पहुंच गया है।
कोरोना संक्रमित की मौत के बाद अस्पताल में तोड़फोड़
वहीं बुधवार को भागलपुर में कोरोना मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर बवाल काटा। कोरोना संक्रमित मरीज मायागंज अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती था, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने मायागंज अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। मृतक के भतीजे प्रवीण झा ने कहा कि 'डॉक्टरों और नर्सों की लापरवाही के कारण मेरे चाचा की जान चली गई।'
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव कोरोना पॉजिटिव
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्हें पटना एम्स में भर्ती कराया गया है। वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ भी कोरोना पॉजिटिव हैं। कोरोना की जांच के लिए लोग घंटो कतार में लग रहे हैं। पीएमसीएच में 4 कोरोना पॉजिटिव की मौत हो गई। गया के मानपुर टीका केंद्र पर कई लोगों को वापस लौटना पड़ा है।
यहां कोरोना वैक्सीन 200 लोगों को ही लगा। कई लोग टीका के इंतजार में खड़े रहे। बिहार में बढ़ते भीड़ के कारण बहुत लोगों को बिना जांच कराए वापस लौटना पड़ा। बुधवार को पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह ने पटना एयरपोर्ट के निदेशक को पत्र लिखा है कि बाहर से आने वाले यात्रियों की आरटी-पीसीआर जांच जरूर कराएं। महाराष्ट्र, पंजाब गुजरात से आने वाले लोगों को निश्चित रूप से 10 दिनों तक क्वारंटीन रहना होगा।