इन तीनों बच्चों को 28 दिन के अंतराल के बाद कोवैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी। एक बार उनका टीकाकरण पूरा हो जाने पर टीके के किसी भी दुष्परिणाम के लिए बच्चों की पूरी तरह से जांच की जाएगी। पटना एम्स ने बच्चों को उनकी उम्र के आधार पर ट्रायल के लिए तीन समूहों में बांटा है। ये तीन आयु वर्ग 2-5 साल, 6-12 साल और 12-18 साल हैं।
बता दें कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने 11 मई को भारत बायोटेक निर्मित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को 2 से 18 साल तक के बच्चों पर क्लिनिकल ट्रायल की मंजूरी दी थी। कोवैक्सीन 2 से 18 साल तक के 525 बच्चों पर ट्रायल करेगी।