एक राजनीतिक दल के रूप में पहली बार कांग्रेस कार्यसमिति की पटना में बैठक हो रही है। यह बैठक बिहार में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए है। लोकसभा चुनाव में जहां-जहां कांग्रेस को कमजोर कड़ी नजर आई थी, उसे सुधारना भी इस बैठक के एजेंडे में है। बाहर भले ही वोट चोरी जैसे मुद्दों पर बयान आएगा, लेकिन कार्यसमिति की बैठक में बिहार कांग्रेस को मजबूत करने के मुद्दे पर बात होगी। दूसरी तरफ, कांग्रेस की इस बैठक के दौरान सदाकत आश्रम में हंगामे की आशंका भी नजर आ रही है। बिहार कांग्रेस के दिग्गजों को इसकी खबर लग चुकी है। जिम्मेदार इस तरह की आशंका को खत्म करने में लग गए हैं, हालांकि आशंका अब भी है।
सभी 243 सीटों पर प्रत्याशियों से आवेदन लेकर गलती तो नहीं की?
बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम ने पिछले एक-सवा साल के दौरान कई बार हंगामा देखा है। मारपीट भी। वीडियो वायरल होते भी। अब कांग्रेस के पूरे देशभर से 150 से ज्यादा नेता जुट रहे हैं तो यह हंगामे की परिस्थिति बन रही है। वजह है सीट बंटवारे में देरी और सीटों पर सेटिंग। कांग्रेस के टिकटार्थियों में असंतुष्टि चरम सीमा पर है। लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को मजबूत दावेदारी वाली सीटें नहीं मिली थी तो वहां के कद्दावर नेता कड़वा घूंट पीकर रह गए थे। विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने सभी 243 सीटों से प्रत्याशियों से ऑनलाइन आवेदन मांग लिए थे, लेकिन अबतक कुछ हुआ नहीं है। 10 दिन में चुनाव की अधिसूचना जारी होने के आसार हैं और अक्टूबर अंत से 20-22 नवंबर तक दो चरणों में मतदान भी होने की संभावना है। ऐसे में कांग्रेस के टिकटार्थियों का धैर्य जवाब दे रहा है।
राहुल गांधी तक तीन नामों को लेकर संदेश पहुंचाने की तैयारी
बुधवार को कांग्रेस कार्यसमिति के लिए सदाकत आश्रम के अंदर तो तैयारी है ही, बाहर भी सुरक्षा को लेकर संजीदगी दिखाई जा रही है। कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने सदाकत आश्रम के बाहर भी कई नेताओं को ड्यूटी दे रखी है कि किसी तरह का कोई हंगामा न हो। लेकिन, ऐसी आशंका है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के आते ही हंगामा हो सकता है। कांग्रेस ने 243 सीटों पर प्रत्याशियों से आवेदन लिया था। ऑनलाइन आवेदनों का क्या हुआ, यह किसी को पता नहीं चल रहा। बस, सेटिंग की जानकारी हर तरफ है।
कोई प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु से रुष्ट है तो किसी को प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से नाराजगी है। कुछ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह से नाराज हैं। नाराजगी का कारण सीटों पर जुगाड़ नहीं होना है। 70 सीटों पर तैयारी तो थी, लेकिन उसकी भी उम्मीद नहीं दिख रही है और उम्मीद लिए बैठे जिन टिकटार्थियों को कहीं से भी खराब संकेत मिल रहा है तो गुस्सा दिख रहा है। कुछ का आरोप है कि अल्लावरु स्क्रीनिंग का बहाना कर पुराने लोगों को दरकिनार कर रहे। कुछ का आरोप है कि अगड़ों को किनारे किया जा रहा है।