पटना डीएम और एसएसपी ने छठ घाटों का जायजा लिया।
- फोटो : अमर उजाला
एसडीआरएफ की टीम लगातार घाटों की निगरानी कर रही है।
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400 चेंजिंग रूम, 171 वॉच टावर, 552 अस्थायी शौचालय बनाए गए
घाटों पर अस्थायी अस्पताल, डॉक्टरों की टीम, एबुंलेंस तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 21 बड़े निजी अस्पतालों को भी अलर्ट किया गया है। डॉक्टरों की इमरजेंसी ड्यूटी भी लगाई गई है। किसी भी तरह की चिकित्सकीय आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने सारी तैयारी पूरी कर ली है। जिला नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे एक्टिव रखा गया है। इसके अलावा कुल 400 चेंजिंग रूम, 171 वॉच टावर, 552 अस्थायी शौचालय बनाए गए हैं। 400 से अधिक एनडीआरएफ और एसडीआरएफ कर्मी तैनात किए गए हैं। 444 गोताखोर और 323 नावों को हमेशा तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। करीब 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।
पटना के ट्रैफिक रूट में किया गया बदलाव
छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से ट्रैफिक रूप में बदलाव किया गया है। सोमवार दोपहर 12 बजे से शाम सात बजे तक और मंगलवार सुबह आठ बजे तक कई रूट पर वाहन नहीं चलेंगे। दीदारगंज से लेकर कारगिल चौक तक वाहनों के परिचालन पर रोक है। कारगिल चौक से पश्चिम शाहपुर तक छठ व्रतियों के सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन होगा। अशोक राजपथ पर सभी इंट्री प्वाइंट बंद रहेंगे। वहीं अटल पथ से जेपी सेतु सोनपुर की ओर से सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद रहेगा। इसके अलावा जेपी सेतु से उतरने वाले वाहनों को गंगा पथ पर नीचे नहीं आने दिया जाएगा। लोगों से गांधी सेतु का प्रयोग करने की अपील की गई है। रामजीचक आरओबी के ऊपर से केवल छठ व्रती वाहनों को जेपी सेतु तक जाने की अनुमति होगी। वहीं मोकामा से आने वाले भारी वाहन फतुहा से बिहटा-सरमेरा पथ के मार्ग से डायवर्ट किए जाएंगे। बिहार की ओर से आने वाले ट्रक कन्हौली मोड़ से बायपास की ओर जाएंगे।