सार
पटना में वामदलों और विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ताओं ने राजभवन मार्च निकाला। जेपी गोलंबर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की हुई। प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
वामदल के जन आक्रोश मार्च के दौरान हंगामा
- फोटो : Amar Ujala
राजधानी पटना में सोमवार को भाकपा माले, एआईवाईएफ, एआईएसएफ, एआईएसए समेत विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ताओं ने जन आक्रोश मार्च निकाला। गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से शुरू हुआ यह मार्च राजभवन की ओर बढ़ रहा था। प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने यूसीसी बिल के विरोध में भी नारेबाजी की। इसके साथ ही टाउनशिप के नाम पर किसानों की जमीन लेने का मुद्दा भी उठाया गया। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी केंद्र और बिहार सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी करते नजर आए।
जेपी गोलंबर पर पुलिस ने रोकी राह
जेपी गोलंबर के पास पटना पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। इस दौरान भाकपा माले के कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। देखते ही देखते कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। कुछ देर के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ भी नारेबाजी
प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ भी नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बर्बरतापूर्ण कार्रवाई करना चाहती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी आवाज दबने नहीं देंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाते रहेंगे।
मौके पर पुलिस बल तैनात
मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास जारी रहा।