बिहार शरीफ में मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी की संदिग्ध स्थिति में पावापुरी मेडिकल कॉलेज में बुधवार को मौत हो गई। मृतक की पहचान हरनौत थानाक्षेत्र के रूपसपुर गांव निवासी कन्हैया राम के बेटे विजय कुमार के तौर पर हुई है। वह पिछले 10 जून से मंडल कारा में अपहरण के बाद हत्या करने के मामले में बंद था।
परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि जेल में विजय कुमार के साथ मारपीट की गई है, जिसके कारण विजय की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर को सूचना मिली कि विजय की तबीयत खराब है, जिसके बाद वे लोग उसे देखने के लिए सदर अस्पताल पहुंचे। जहां से डॉक्टर ने उसे पावापुरी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां से 23 सितंबर को अस्पताल से यह कहते हुए छुट्टी दे दी गई कि वह ठीक है। जबकि वे लोग बेहतर इलाज की गुजारिश करते रहे। इसके बाद जेल की पुलिस विजय को अपने साथ लेकर चली गई। दवा और अन्य सामान भी इलाज के दौरान बाहर से लाना पड़ा।
विजय के पिता कन्हैया राम ने कहा कि उनके बेटे ने कहा था कि अगर वह जेल गया तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। विजय के शरीर पर चोट के भी निशान हैं। जेल में उसके साथ मारपीट की गई है। अगर उसका बेहतर इलाज हो जाता तो उसकी मौत नहीं होती। पूर्व से उसे किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं थी। बुधवार की सुबह फोन आया कि विजय की तबीयत बिगड़ गई है और वह पावापुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। जहां आकर देखा तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।
‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण पता चलेगा’
बिहार शरीफ मंडल कारा के अधीक्षक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि पैर में दर्द की शिकायत पर जेल के अस्पताल में विजय कुमार को भर्ती कराया गया था। उसके बाद 22 सितंबर को परिवार के सदस्यों को जानकारी देते हुए इलाज के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेजा गया। जहां के चिकित्सक द्वारा बेहतर इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जहां कैदी भर्ती होकर इलाजरत था। वह किस बीमारी से ग्रसित था, इसकी रिपोर्ट उनके पास नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
अपहरण और हत्या के आरोप में गया था जेल
जानकारी के मुताबिक, विजय कुमार को अपहरण करके हत्या करने के मामले में 10 जून को जेल गया था। हरनौत थानाक्षेत्र के रूपसपुर गांव निवासी टुनि महतो के बेटे भोला कुमार का अपहरण 27 मई की शाम आठ बजे किया गया था। उस वारदात में विजय कुमार और विक्रम कुमार शामिल था। भूमि विवाद में पैसे लेकर विजय और विक्रम के द्वारा भोला कुमार की हत्या की गई थी।
जेल अधीक्षक पर हत्या का आरोप
वहीं, कैदी की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों द्वारा अस्पताल चौक को जाम कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि जेल में उसकी हत्या की गई है। मौत की पुष्टि के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल पहुंची थी। जहां से परिजनों द्वारा जबरन शव को ले लिया गया और वे अस्पताल चौक पहुंच गए। फिर हंगामा करते हुए आवागमन को बाधित कर दिया।