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Bihar Exam: बिहार बोर्ड दफ्तर के बाहर STET अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, रिवाइज्ड आंसर-की जारी करने की मांग कर रहे

Thu, 11 Dec 2025 02:38 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News: STET अभ्यर्थियों का कहना है कि चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा की बहाली अगले माह तक निकल जाएगी। अब तक हमलोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। हमलोग पिछले कई दिनों से शिकायत कर रहे हैं लेकिन बिहार बोर्ड के अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। 
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बिहार बोर्ड दफ्तर के बाहर प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना में एक बार फिर से STET अभ्यर्थियों ने जमकर प्रदर्शन किया। बिहार स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (STET) अभ्यर्थियों ने गुरुवार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) दफ्तर के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्र नेता सौरभ के नेतृत्व में गुरुवार सुबह सुबह से ही अभ्यर्थियों का जुटने लगे। इसके बाद करीब 40 से 50 अभ्यर्थी बोर्ड कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गया। छात्र नेता सौरभ ने कहा कि STET अभ्यर्थियों की शिकायतें नहीं सुनी जा रही है। हमलोग रिवाइज्ड आंसर-की जारी समेत कुछ मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन बिहार बोर्ड के अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। बोर्ड के अधिकारी सिर्फ भरोसा दिला रहा है, जबकि उनकी समस्याओं का समाधान अब तक अधर में है।

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हजारों अभ्यर्थियों का रिजल्ट प्रभावित होने का खतरा 

अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न पूछे गए, जिससे अधिकांश उम्मीदवारों के अंक बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कॉमर्स की अभ्यर्थी ज्योति का कहना था कि बोर्ड हर बार नई तारीख बता रहा है, लेकिन न संशोधित आंसर-की जारी हो रही है और न ही कोई साफ सूचना मिल रही है। 21 प्रश्न पूरी तरह सिलेबस से बाहर थे, ऐसे में ग्रेस मार्क जरूरी है। अभ्यर्थियों बताया कि 27, 28 और 29 नवंबर को भी वे बोर्ड कार्यालय का घेराव कर चुके हैं, लेकिन तब भी उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जारी आंसर-की में कई गंभीर गलतियां हैं। कई सवालों के उत्तर गलत चिह्नित किए गए हैं, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का रिजल्ट प्रभावित होने का खतरा है।


अभ्यर्थियों ने दी बड़ी चेतावनी 

अभ्यर्थियों का कहना है कि बोर्ड अगर आपत्तियों की निष्पक्ष जांच नहीं करता, तो परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता दोनों पर सवाल खड़े होंगे। इसलिए हमारी मांगों को बिहार बोर्ड गंभीरता से ले और निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करें। फिलहाल बोर्ड की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, वहीं अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि समाधान नहीं मिलने पर आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

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