खगौल में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि खगौल को अस्पताल की सौगात पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में मिली थी, लेकिन आज भी मरीजों को सुविधाओं के अभाव और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल का पुराना भवन जर्जर स्थिति में है, जबकि नए भवन का उद्घाटन 25 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया था। इसके बावजूद अस्पताल को अब तक पुराने भवन से नए भवन में शिफ्ट नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में एक्स-रे मशीन उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को बाहर से एक्स-रे कराने के लिए कहा जाता है। वहीं, कई मरीजों को दवाएं भी बाहर से खरीदने के लिए लिखी जाती हैं। लोगों का सवाल है कि जब सरकारी अस्पताल में सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो मरीजों को बाहर क्यों भेजा जा रहा है।
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नए भवन का उद्घाटन होने के बावजूद उसका संचालन शुरू नहीं होने से लोगों में सवाल उठ रहे हैं। जर्जर भवन में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में जानकारी लेने के लिए सिविल सर्जन, अस्पताल प्रभारी और स्वास्थ्य प्रबंधक से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन तीनों अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया। ऐसे में नए भवन में शिफ्टिंग में देरी और एक्स-रे समेत अन्य सुविधाओं को लेकर अस्पताल का पक्ष सामने नहीं आ सका।
नवाब आलम, चंदू प्रिंस और प्रमोद राय ने भी अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मरीजों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने अस्पताल को जल्द नए भवन में शिफ्ट करने और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ मरीजों को अस्पताल में ही देने की मांग की।